उत्तराखंड: शिक्षा विभाग का गजब हाल..सरकारी आदेश के बिना 200 स्कूलों में शुरू हुई परीक्षा

हल्द्वानी में सरकारी आदेश के बिना 200 स्कूलों में परीक्षाएं शुरू करा दी गईं। न तो सरकार के आदेश की परवाह की गई और न ही एसओपी का इंतजार, जानिए पूरा मामला
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Haldwani News: Examination without order in 200 schools of Haldwani
Image: Examination without order in 200 schools of Haldwani

हल्द्वानी: प्रदेश के शिक्षा विभाग का गजब हाल है। स्कूल में पढ़ाई हो न हो, शिक्षक आएं न आएं, दुनिया इधर की उधर हो जाए, लेकिन बच्चों की परीक्षाएं नहीं रुकनी चाहिए। अब हल्द्वानी में ही देख लें. एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक यहां शिक्षा विभाग ने सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए विकासखंड के सरकारी स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू करा दी है। सोमवार से परीक्षाएं शुरू भी हो गईं और 14 हजार नौनिहालों को स्कूल भी बुला लिया गया। हैरानी वाली बात ये है कि नैनीताल-भीमताल में बैठे महकमे के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। अधिकारियों को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने हमेशा कि तरह रटा-रटाया जवाब दे दिया, कि जांच कराएंगे। चलिए आपको पूरा मामला भी बताते हैं। कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग ने हल्द्वानी ब्लॉक के 200 सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा के छात्रों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं कराने का मन बनाया। इसके लिए 9 दिन का टाइमटेबल तैयार किया गया।

यह भी पढ़ें - दिल्ली: गढ़वाल भवन में IAS मंगेश घिल्डियाल का गढ़वाली भाषण, मंत्रमुग्ध हुए लोग..आप भी देखिए
जिस दिन ये टाइम टेबल जारी हुआ, उसके अगले ही दिन सरकार ने कह दिया कि राज्यभर में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं की पढ़ाई 8 फरवरी से शुरू की जाएगी। इसके लिए पहले एसओपी भी जारी होगी, लेकिन शिक्षा विभाग ने न तो एसओपी जारी होने का इंतजार किया और न ही सरकार के आदेश की परवाह। सोमवार को प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन हुआ। सरकार के हर आदेश और सुरक्षा नियमों को ताक पर रख बच्चों को स्कूल बुलाया गया। 14 हजार बच्चे सोमवार को परीक्षा देने स्कूल पहुंचे। वहीं जब मामले में पूछताछ शुरू की गई तो ज्यादातर अधिकारियों ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया। इस संबंध में अपर निदेशक माध्यमिक कुमाऊं डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि एसओपी जारी होने से पहले बच्चों को स्कूल बुलाया जाना गलत है। अभी कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में किसी तरह की शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।