देहरादून पुलिस को वॉट्सएप मैसेज..पुलिस वैन को बम से उड़ाने की धमकी

देहरादून पुलिस ने मैसेज भेजने वाले को पकड़ने के लिए पीलीभीत पुलिस से मदद मांगी। वहीं जब पीलीभीत पुलिस मैसेज करने वाले आदमी के घर पहुंची तो कई हैरान करने वाली बातें पता चली।
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Dehradun Police: Message to Dehradun Police on WhatsApp
Image: Message to Dehradun Police on WhatsApp

देहरादून: देहरादून पुलिस ने लोगों की मदद के लिए वॉट्सऐप नंबर जारी किया है। पिछले दिनों कंट्रोल रूम के इस नंबर पर एक किसी अनजान नंबर से मैसेज आया। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक मैसेज में पुलिस की वैन को बम से उड़ा देने की बात लिखी थी। धमकी भरा मैसेज मिलते हुई पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच शुरू हो गई। जिस नंबर से मैसेज आया था उसे सर्विलांस पर लगाया गया। जांच के दौरान पता चला कि नंबर यूपी के पीलीभीत का है। देहरादून पुलिस ने मैसेज भेजने वाले को पकड़ने के लिए पीलीभीत पुलिस से मदद मांगी। वहीं जब पीलीभीत पुलिस मैसेज करने वाले आदमी के घर पहुंची तो कई हैरान करने वाली बातें पता चली। पूछताछ में पता चला कि जिस आदमी के मोबाइल से मैसेज किया गया था। वो मजदूरी करता है। वॉट्सएप का इस्तेमाल नहीं करता और कीपैड वाला फोन यूज करता है। पुलिस ने पूछताछ के बाद देहरादून पुलिस को जानकारी देकर मोबाइल स्वामी को छोड़ दिया। मोबाइल स्वामी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर मैसेज किसने किया, ये अब तक पता नहीं चला है। चलिए पूरा मामला बताते हैं। आगे पढ़िए

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देहरादून पुलिस कंट्रोल रूम के वॉट्सऐप नंबर पर किसी ने मैसेज किया था। मैसेज में एक फरियाद को न सुनने की बात कहते हुए पुलिस की मोबाइल वैन को बम से उड़ा देने की धमकी लिखी हुई थी। जांच शुरू हुई तो पता चला कि मोबाइल नंबर पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव गुटइया निवासी राजू का है। राजू की उम्र करीब 45 साल है। बाद में दून पुलिस ने पीलीभीत पुलिस से आरोपी युवक को हिरासत में लेने की गुजारिश की। इसके बाद रात को ही सुनगढ़ी पुलिस की टीम ने ग्राम गुटइया के राजू को उसके घर से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि राजू मजदूरी करता है। उसके पूरे घर में किसी के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है। राजू खुद भी कीपैड वाला फोन यूज करता है। मैसेज किसने और क्यों भेजा यह उसकी जानकारी में अभी तक नहीं है। वह खुद मैसेज की बात सुनकर हैरान है। पुलिसिया कार्रवाई से राजू बेहद डर गया। हालांकि स्थिति साफ होने के बाद दून पुलिस के आग्रह पर उसे छोड़ दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।