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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के हित में ऐसा शानदार काम किया है, जिसकी सालों तक मिसाल दी जाएगी। प्रदेश की महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा। राजस्व रिकॉर्ड में उनका भी नाम दर्ज होगा। यही नहीं प्रदेश में महिलाएं पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार होंगी। परित्यक्त और संतानहीन बेटियों को भी पैतृक संपत्ति में अधिकार मिलेगा। राज्य सरकार के इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है। आमतौर पर भूमि और संपत्ति पर पुरुषों का ही अधिकार रहने से महिलाएं आर्थिक विकास संबंधी गतिविधियों में भागीदारी नहीं कर पातीं। जमीन-संपत्ति पर हक मिलने के बाद वो स्वरोजगार के लिए लोन भी ले सकेंगी। महिलाओं को संपत्ति में बराबरी का हक दिलाने के लिए राज्य सरकार लंबे वक्त से प्रयत्नशील थी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने ट्वीट में लिखते हैं कि साल 2008 में जब मैं प्रदेश का कृषि मंत्री था तो सीमांत जनपद चमोली में मेरी मुलाकात श्रीमती विश्वेश्वरी देवी से हुई। उन्होंने बड़े तार्किक ढंग से ये बात रखी कि संपत्ति में महिलाओं को बराबरी का अधिकार होना चाहिए। उनकी ये बात हमेशा मेरे साथ रही। आज जब मैं प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं तो मुझे बेहद खुशी है कि हमारी सरकार ने विश्वेश्वरी देवी जी के मन की इच्छा को पूरा किया, और प्रदेश की लाखों महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया। आगे देखिए वीडियो