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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: पहाड़ में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का असर दिखने लगा है। बच्चियों की शिक्षा को लेकर माता-पिता सजग हो रहे हैं। बेटियां भी माता-पिता और गुरुजनों के विश्वास पर खरी उतरते हुए सफलता के नए पायदान चढ़ रही हैं। आपदाग्रस्त चमोली की रुचिता रावत ऐसी ही होनहार बेटियों में से एक हैं। नेट परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली रुचिता रावत पहाड़ की दूसरी बेटियों के लिए मिसाल बन गई है। रुचिता की सफलता कई मायनों में खास है। चमोली के सुदूर गांव कठूड़ में रहने वाली रुचिता ने अपनी शिक्षा सरकारी स्कूल से हासिल की। उनकी शुरुआती पढ़ाई कठूड़ के सरकारी स्कूल में हुई। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली रुचिता ने बाद में राजकीय इंटर कॉलेज टंगसा से इंटर तक की शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने गोपेश्वर के पीजी कॉलेज में एडमिशन लिया।