गढ़वाल: पोल्ट्री फार्म में घुसा गुलदार..195 मुर्गियों को बनाया निवाला, गांव में दहशत

गुलदार ने एक पोल्ट्री फार्म में घुसकर 195 मुर्गियों को अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। पोल्ट्री फार्म संचालक भी सदमे में है।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Leopard tehri garhwal: Tehri garhwal leopard attack in poultry farm
Image: Tehri garhwal leopard attack in poultry farm

टिहरी गढ़वाल: पहाड़ में गुलदार दहशत का पर्याय बने हुए हैं। कभी जंगलों तक सीमित रहने वाले गुलदार अब गांवों में दाखिल होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। मवेशियों को मार रहे हैं। गुलदार के हमले की ताजा घटना टिहरी में सामने आई। जहां विकासखंड जाखणीधार के पौखाल रेंज में गुलदार ने एक पोल्ट्री फार्म में घुसकर 195 मुर्गियों को अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। पोल्ट्री फार्म संचालक भी सदमे में है। घटना कंडोगी गांव की है। यहां सते सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म खोला है। सते सिंह राणा ने बताया कि रविवार शाम 7 बजे वो रोज की तरह मुर्गियों को दाना देने के बाद घर चले गए थे। सोमवार सुबह 6 बजे जब वो दोबारा पोल्ट्री फार्म पहुंचे तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। जगह-जगह मुर्गियां मृत पड़ी थीं। जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को घटना की सूचना दी। सते सिंह के मुताबिक गुलदार टीन की चादर उखाड़ कर पोल्ट्री फार्म में घुसा था। जिसके बाद उसने एक-एक कर 195 मुर्गियां मार दी।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: जंगलों की आग ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल..40 जगह आग का तांडव
सते सिंह ने बताया कि वो पिछले दस साल से पोल्ट्री फार्म व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, लेकिन ऐसी घटना पहली बार हुई है कि गुलदार टीन की चादरें उखाड़ कर पोल्ट्री फार्म में घुस आया। घटना की सूचना मिलने पर वन अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने गुलदार के हमले में 195 मुर्गियों के मारे जाने की पुष्टि की। घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। आपको बता दें कि क्षेत्र में एक बार पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है। यहां चमियाला के खोला कोटगा में गजेंद्र सिंह बिष्ट की डेढ़ सौ मुर्गियों को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया था। लमगांव रेंज के रौणिया गांव में भी आजकल गुलदार का आतंक बना हुआ है। यहां भी गुलदार ने कई मवेशी मार दिए। जंगल में आग लगने की घटनाओं के चलते गुलदार गांवों में दाखिल हो रहे है, जिससे ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं।