उत्तराखंड: ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए गुड न्यूज..परिवहन मंत्रालय ने दी खुशखबरी

प्रदेश के ड्राइविंग लाइसेंसधारी अब राज्य के जिस भी जिले में होंगे उसी जिले में रहकर अपने लाइसेंस को रिन्यू करा सकेंगे।
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Uttarakhand Transport Corporation: Uttarakhand Transport Department decision regarding license
Image: Uttarakhand Transport Department decision regarding license

देहरादून: उत्तराखंड के निवासियों के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सड़क परिवहन मंत्रालय उत्तराखंड ने उत्तराखंड के निवासियों को एक बड़ी राहत दे दी है। प्रदेश के ड्राइविंग लाइसेंस धारियों को अब ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए दूर भागा-दौड़ी नहीं करनी पड़ेगी और अब उनको लाइसेंस रिन्यू करवाने में कोई भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म होने पर आप राज्य के जिस भी जिले में होंगे उसी जिले में रहकर अपने लाइसेंस को रिन्यू करा सकेंगे। भले ही अपना लाइसेंस उत्तराखंड की किसी दूसरे जिले में बनवाया हो मगर रिन्यू करवाने के लिए आपको उस जिले में जाने की जरूरत नहीं है। इससे हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। जी हां, सड़क परिवहन मंत्रालय ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं और इस आदेश के जारी होने के साथ ही राज्य के तमाम लाइसेंस धारियों को एक बड़ी राहत मिली है। दरअसल अबतक उत्तराखंड में यह नियम था कि जिस जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनाया गया है उसको रिन्यू करवाने के लिए उसी जिले में वापस जाना पड़ेगा। उत्तराखंड में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपने ड्राइविंग लाइसेंस युवावस्था में किसी दूसरे जिले में बनवाए थे और अब वह किसी दूसरे जिले में बस गए हैं। ऐसे में उनको ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म होने पर वापस उसी जिले में आना पड़ता था जिस कारण उनको भारी समस्या का भी सामना करना पड़ता था। अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्य के तमाम लाइसेंसधारियों को राहत दे दी है और अब किसी भी जिले में रहकर ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू हो सकता है। अब ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए किसी भी आरटीओ दफ्तर में जा कर यह काम आसानी से हो जाएगा।

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इसी के साथ भारी वाहनों को भी अब पंजीकरण के लिए आयोग के दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। दरअसल अब तक यह नियम था कि कोई भी व्यक्ति अगर कोई भी भारी वाहन कंपनी से तैयार लेता था तो उसको पंजीकरण और फिटनेस के लिए वाहन को आरटीओ में ले जाना पड़ता था। लेकिन अब उसे वाहन को आरटीओ में ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और मैन्युफैक्चरर या मैन्युफैक्चरर डीलर ही पंजीकरण और फिटनेस वाहन के मालिक को करवा के देगा। बता दें कि आरटीओ अब आधुनिक तरीके से काम करने में जुटा हुआ है और इसी के तहत अब आरटीओ के दफ्तरों में फाइलों का बोझ भी खत्म होने जा रहा है। आरटीओ के दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को जल्द ही मोटी- मोटी फाइलों के पन्ने पलटाने से राहत मिलने वाली है। सालों पुरानी फाइलों के बीच काम कर रहे इन कर्मचारियों को जल्द ही इन फाइलों से निजात मिलने वाली है। अब बड़ी-बड़ी फाइलों की जगह कंप्यूटर ले रहा है और यह फाइलें जल्द ही डिजिटलाइज होने वाली हैं। देहरादून आरटीओ कार्यालय की फाइलों को डिजिटल करने का काम शुरू हो चुका है। कुछ ही महीनों में यह पूरी प्रोसेस खत्म हो जाएगी और सभी पुरानी से पुरानी फाइलों को डिजिटल फॉर्म में देखा जा सकेगा जिससे कर्मचारियों की मेहनत बचेगी और समय भी बचेगा।