उत्तराखंड: 5 साल पहले अर्द्धकुम्भ में खोई मां महाकुंभ में मिली..परिवार ने कहा-चमत्कार

दरअसल कृष्णा देवी साल 2016 अर्ध कुंभ हरिद्वार में स्नान करने के लिए घर से निकली थी। लेकिन इसके बाद वो कभी घर वापस नहीं लौटी।
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Krishna Devi Haridwar Kumbh: Haridwar Kumbha Krishna Devi Missing
Image: Haridwar Kumbha Krishna Devi Missing

हरिद्वार: कहते है दैवीय स्थलों पर चमत्कार होते हैं..ऐसा ही चमत्कार हरिद्वार महाकुम्भ में देखने को मिला है। साल 2016 के बाद कृष्णा जी की जिंदगी में एक सुखद अहसास आय, अपने परिवार से मिलने का अहसास। ये अहसास कितना खूबसूरत होता है, इसका अंदाजा कृष्णा के चेहर पर खुशी के आंसुओं के रूप में साफ झलक रहा था। दरअसल कृष्णा देवी साल 2016 अर्ध कुंभ हरिद्वार में स्नान करने के लिए घर से निकली थी। लेकिन इसके बाद वो कभी घर वापस नहीं लौटी। किसी अनहोनी के डर में परिजन दर दर भटकते रहे। परिजनों ने हरिद्वार, अयोध्या, बनारस, इलाहाबाद में सभी जगह तलाशा। उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारी में कृष्णा देवी की ढूंढ खबर की एवं सभी प्रमुख समाचार पत्रों एवं टीवी पर भी महिला की गुमशुदगी का प्रचार प्रसार करवाया। उस दौरान थाना जोगिया उदयपुर जिला सिद्धार्थ नगर मेंं कृष्णा देवी की गुमशुदगी दर्ज करवाई। काफी ढूंढ खोज की, लेकिन उम्मीद टूट चुकी थीं। परिजन कृष्णा देवी की मिलने की आशा छोड़ चुके थे। लेकिन कहते हैं कि होनी को को टाल सकता है। ये कहावत चरितार्थ हो गई। पुलिस द्वारा कृष्णा देवी के पुत्र दिनेशवर पाठक से संपर्क किया गया। पुलिस उनकी माता जी के सही सलामत ऋषिकेश में निवासरत होने की सूचना दी। बस फिर क्या था..परिवार के सभी लोगहतप्रभ हो गए। जिसकी आस ही नहीं थी वो सम्भव हो गया। दिनेश्वर पाठक अपनी मां को लेने के लिए कुंभ मेला थाना ऋषिकेश पहुंचे। कृष्णा देवी ने बताया कि गुमशुदगी के दौरान उन्होंने हरिद्वार, अयोध्या, मथुरा, वृदावन गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ, आदि धामों की यात्रा भी की। परिजनों द्वारा कुंभ मेला पुलिस ऋषिकेश का ह्रदय से आभार प्रकट किया और साथ ही कुम्भ मेला पुलिस के इस मानवीय कार्य की सराहना ओर प्रशंसा की गई।
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