पिथौरागढ़-तवाघाट हाईवे 5 घंटे बाद खुला, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बहाल; दारमा और मिलम के 27 गांव अब भी कटे

पिथौरागढ़-तवाघाट हाईवे पांच घंटे बाद यातायात के लिए खुल गया। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर वाहन संचालन शुरू हो गया है, जबकि दारमा घाटी के 13 और मिलम क्षेत्र के 14 गांवों का संपर्क अब भी भंग है।
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Kailash Mansarovar Yatra Route: Pithoragarh-Tawaghat Highway Reopens After Five Hours
Image: Pithoragarh-Tawaghat Highway Reopens After Five Hours

पिथौरागढ़: लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुआ पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार सुबह करीब पांच घंटे बंद रहने के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया। हाईवे खुलने से व्यास घाटी और चीन सीमा का संपर्क फिर से बहाल हो गया है। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी वाहनों का संचालन सामान्य हो गया है।

Pithoragarh-Tawaghat Highway Reopens After Five Hours

प्रशासन की ओर से मलबा हटाने के बाद पिथौरागढ़-तवाघाट हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। व्यास घाटी से चीन सीमा तक सड़क संपर्क भी दोबारा स्थापित हो गया है।

दारमा घाटी का संपर्क अब भी भंग

हालांकि तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद है। इस कारण दारमा घाटी का चीन की सीमा से सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित बना हुआ है। सड़क बंद रहने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के 13 गांव अलग-थलग पड़े हुए हैं और लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आगे पढ़िए..

उधर मुनस्यारी क्षेत्र में धापा-मिलम मार्ग बंद होने से चीन सीमा से सटे 14 गांवों का संपर्क भी टूट गया है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं और आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

प्रशासन की नजर संवेदनशील मार्गों पर

प्रशासन और संबंधित एजेंसियां बंद सड़कों से मलबा हटाने का कार्य लगातार कर रही हैं। मौसम साफ होते ही दारमा और मिलम क्षेत्रों के संपर्क मार्गों को भी जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।