उत्तराखंड: भक्तों के लिए खुले छोटा अमरनाथ के द्वार, आप भी कीजिए बाबा बर्फानी के दर्शन

टिम्मरसैंण गुफा में बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। अगर आप भी नीती घाटी आना चाहते हैं, तो कई बातों का ध्यान रखें।
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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Timmarsain cave: Timmarsain cave Chamoli doors open
Image: Timmarsain cave Chamoli doors open

चमोली: चमोली जिले की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव मंदिर की यात्रा आज से शुरू हो गई। सीमांत क्षेत्र में बसे महादेव के इस धाम को छोटा अमरनाथ के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल यहां अमरनाथ की तरह बर्फ से शिवलिंग तैयार होता है। टिम्मरसैंण गुफा में बने शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से उत्तराखंड पहुंचते हैं। टिम्मरसैंण महादेव गुफा को पर्यटन मानचित्र पर लाने के प्रयास जारी हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रख यहां हर साल टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा का आयोजन किया जाता है। ताकि बाबा अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर देश-दुनिया के तीर्थ यात्री यहां पहुंच कर बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें। बुधवार से बाबा बर्फानी की यात्रा शुरू हो गई है। यात्रा शुरू होने से पहले चमोली जिला प्रशासन ने बीआरओ, आईटीबीपी एवं स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। अगर आप भी उत्तराखंड के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए नीती घाटी आना चाहते हैं, तो कई बातों का ध्यान रखें। ये इलाका चीन सीमा से सटा हुआ है। तीर्थ यात्री एवं पर्यटकों को नीती घाटी में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए सड़क से डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई चढ़नी होगी। यहां बाम्पा में श्रद्धालु पंचनाग देवता, गमशाली में हीरामणी माता मंदिर और पंचधारा आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन भी कर सकते हैं। नीती घाटी के नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद उठा सकते हैं।

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जैसा की हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि ये क्षेत्र भारत-चीन सीमा से सटा इलाका है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से टिम्मरसैंण जाने वाले यात्रियों को सुबह जाकर उसी दिन शाम तक वापस लौटना होगा। सुराईथोटा बैरियर से सुबह 11 बजे तक ही टिम्मरसैंण जाने की अनुमति दी जाएगी। ताकि सभी यात्री महादेव के दर्शन करने के बाद उसी दिन लौट सकें। पिछले दिनों डीएम स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में 7 अप्रैल से टिम्मरसैंण की यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया गया था। डीएम ने यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ भोजन, पानी, शौचालय आदि जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। आपको बता दें कि टिम्मरसैंण महादेव मंदिर नीती गांव के पास स्थित है। इस गुफा रूपी मंदिर में शीतकाल के बाद अमरनाथ के शिवलिंग की तरह बर्फ का शिवलिंग आकार लेता है। मार्च महीने में बॉर्डर रोड से बर्फ हटाने के बाद स्थानीय लोग शिवलिंग के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में टिम्मरसैंण पहुंचते हैं। कुछ समय पहले तक सिर्फ स्थानीय लोग ही इस जगह के बारे में जानते थे, लेकिन अब यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आने लगे हैं। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। गमशाली में डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है, ताकि यात्रियों को गमशाली में चिकित्सा सुविधा मिल सके।