टिहरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड का निरीक्षण करते समय कई तरह की खामियां और अव्यवस्थाओं को देखते हुए डीएम ईवा श्रीवास्तव ने डॉक्टर एवं अन्य कर्मियों के वेतन रोकने के आदेश दे दिए हैं।
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Komal Negi
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Image: Tehri DM IAS Eva Srivastava stopped the doctors salary
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की जो हालत है वह किसी से भी छिपी नहीं है। पहाड़ों पर अस्पतालों के अंदर डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की लापरवाही भी अपने चरम पर है और उनके ऊपर सख्ती नहीं की जा रही है जिससे उनकी लापरवाही दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। आवश्यक है कि पहाड़ के सभी अस्पतालों में मौजूद डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। हाल ही में टिहरी की डीएम ईवा श्रीवास्तव भी ऐसे ही लापरवाह डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के ऊपर बिफर पड़ीं और उन्होंने जमकर लापरवाह डॉक्टरों एवं कर्मियों की क्लास लगाई। दरअसल हाल ही में डीएम ईवा श्रीवास्तव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वे खुद हैरान रह गईं क्योंकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ना तो संतोषजनक मेडिकल फैसिलिटी थीं और ना ही स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के बीच में ड्यूटी को लेकर कोई भी गंभीरता थी। जिसके बाद डीएम ईवा श्रीवास्तव ने उन लोगों को कसकर फटकार लगाई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई तरह की खामियां और अव्यवस्थाओं को देखते हुए डीएम ईवा श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को जमकर डांट लगाई और लापरवाह डॉक्टरों को भी जमकर फटकार लगाई गई। इसी के साथ उन्होंने बिना नोटिस और सूचना के अस्पताल से गायब डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश भी दे दिए हैं। बता दें कि निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई तरह की खामियां निकलीं। वहां पर न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी थी बल्कि कर्मचारियों एवं डॉक्टरों की लापरवाही भी देखने को मिली जिस पर डीएम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों एवं डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाते हुए अस्पताल में व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दे दिए। केवल इतना ही नहीं उन्होंने उन डॉक्टरों डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की भी क्लास ली जो कि अस्पताल से गायब मिले और उन्होंने उन सभी डॉक्टरों एवं कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए हैं। दरअसल डीएम ईवा श्रीवास्तव ने सीएचसी चौंड का औचक निरीक्षण किया। जैसे ही वे अस्पताल पहुंचीं तो दंग रह गईं क्योंकि केंद्र पर तमाम अव्यवस्थाओं का अंबार देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान डीएम खासी नाराज हुईं।
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अस्पताल में ना तो ढंग की स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद थीं और ना ही उपलब्ध मशीनें ढंग से काम कर रही थीं। उन्होंने ओपीडी, प्रसव कक्ष, महिला व पुरुष कक्ष का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष के वेटिंग रूम में रखी मशीन खराब पाई गई। इसके अलावा भी अस्पताल की कई मशीनें खराब पाई गईं और अन्य व्यवस्थाएं भी बेहद खराब मिलीं। जब डीएम ईवा श्रीवास्तव ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखी तो उसमें उन डॉक्टरों एवं फार्मासिस्ट की उपस्थिति दर्ज थी जो कि अस्पताल में मौजूद ही नहीं थे। जबकि जो फार्मेसिस्ट अस्पताल में मौजूद थे उनकी उपस्थिति दर्जी ही नहीं हुई थी। जब इस बारे में पूछा तो किसी भी कर्मी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया जिसके बाद डीएम ने बिना देरी किए अनुपस्थित कर्मचारियों एवं डॉक्टरों के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। केवल इतना ही नहीं डीएम ने इस पूरे मामले में प्रभारी चिकित्साधिकारी को इस लापरवाही की पूरी सूचना समेत जिला मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दे दिए हैं।