कुंभ मेले के भव्य आयोजन के ऊपर उठ रहे तमाम सवाल और तीखी आलोचनाओं के बीच सीएम तीरथ सिंह रावत ने सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
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Komal Negi
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Image: Uttarakhand CM's statement on Kumbh and Markaj
हरिद्वार: हरिद्वार में बीते सोमवार को कुंभ मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने सोमवती अमावस्या पर शाही स्नान किया। देश के कोने-कोने से कुंभ मेले में लोग सम्मिलित हो रहे हैं और गंगा मैया की अराधना कर रहे हैं। मगर देश भर में कुंभ मेले की कई लोग आलोचना भी कर रहे हैं और बढ़ते कोरोना के बीच इतने भव्य तरीके से आयोजन करने पर तमाम तीखे सवाल किए जा रहे हैं। आलोचक कह रहे हैं कि बढ़ते हुए कोरोना के बीच में कुंभ मेला करवाना बेहद गलत है। वहीं निजामुद्दीन दरगाह में हुए मरकज से कुंभ मेले की तुलना करते हुए कई लोग इंटरनेट पर आलोचना कर रहे हैं। आपको याद होगा कि 2020 में जब कोरोना का आगमन हुआ था और भारत में कोरोना तेजी से बढ़ रहा था तब दिल्ली में निजामुद्दीन दरगाह में मरकज हुआ था जिसमें देश के कोने-कोने से लोग शामिल हुए थे। उस समय कई लोगों ने उन लोगों की आलोचना की थी और कहा था कि ऐसे कठिन समय में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा देनी चाहिए। तब्लीगी जमात के समय जमकर इंटरनेट पर आलोचना की गई थी और जमातियों को कोरोना फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। अब एक बार फिर से कोविड की दूसरी लहर छा रखी है और कोरोना केस इतने बढ़ गए हैं तब हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने पर तमाम सवाल उठ रहे हैं और लोग इसकी तुलना 2020 में हुए मरकज से कर रहे हैं
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कुंभ मेले के ऊपर उठ रहे तमाम सवाल और तीखी आलोचनाओं के बीच सीएम तीरथ सिंह रावत ने सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया है ।सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि कुंभ मेले की तुलना मरकज से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मरकज के समय एक ही हॉल के अंदर लोग सोते भी थे और वहीं पर रहते थे। वही कुंभ मेले में 16 विशाल घाट हैं और यह कुंभ मेला ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ तक फैला हुआ है। ऐसे में इसकी तुलना मरकज से आखिर कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा है कि लोग गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं और कुंभ मेले में स्नान के लिए एक समय सीमा भी लगाई गई है। वहीं मरकज में लोग बेकाबू होकर कोरोना को फैला रहे थे। ऐसे में दोनों अलग-अलग बातें हैं और दोनों की कोई भी तुलना नहीं है
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तीरथ सिंह रावत ने जानकारी देते हुए कहा कि बीते सोमवार को सोमवती अमावस्या पर हुआ शाही स्नान पूरी तरह से सफल हुआ और इसमें किसी भी तरह की नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया और सभी गाइडलाइंस का पालन करते हुए लोगों ने शाही स्नान किया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को जिस तरह की सुविधा चाहिए थी सभी सुविधाएं उनको मुहैया करवाई गई हैं। सीएम तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों और मीडिया का भी आभार जताया है। उन्होंने बताया कि सुबह 9:00 बजे तक 15 लाख लोग शाही स्नान कर चुके थे और शाम त।क यह संख्या 28 लाख पहुंच गई थी उन्होंने कहा कि शाही स्नान के दौरान सरकार ने केंद्र की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन किया है।