Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में पूजे जाने वाले भगवान मद्महेश्वर अब नए सिंहासन पर विराजेंगे। भगवान मद्महेश्वर के चांदी के पुराने सिंहासन को बदल कर उन्हें नए सिंहासन पर विराजमान किया गया है। ऊखीमठ में गुरुवार को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भगृह से द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर को उनके धाम प्रस्थान के लिए सभा मंडप में लाया गया। इस अवसर पर भगवान को साढ़े ग्यारह किलो चांदी से बने सिंहासन पर विराजमान किया गया। ये मौका इसलिए बेहद खास रहा, क्योंकि भगवान मद्महेश्वर का सिंहासन पूरे सौ साल बाद बदला गया है। पुजारी टी गंगाधर लिंग के प्रयासों से भगवान मद्महेश्वर के लिए कर्नाटक राज्य के उढ़ती में खास तौर पर नया सिंहासन बनवाया गया। सिंहासन को यहीं पर पूजा-अर्चना, अभिषेक और हवन से शुद्ध किया गया। एक हफ्ते पहले इस सिंहासन को कर्नाटक से ऊखीमठ लाया गया था।