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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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चमोली: उत्तराखंड के होनहार युवाओं के लिए भारतीय सेना महज करियर ऑप्शन नहीं है बल्कि कई युवाओं का वो सपना होता है जब बचपन से देखते आ रहे हैं और भारतीय सेना में शामिल होने के सपने को साकार करने के लिए कई युवा जी तोड़ मेहनत कर सेना में जगह बनाते हैं। देवभूमि और भारतीय सेना का यह बंधन अटूट है और वर्षों से चला आ रहा है। उत्तराखंड के कई युवा भारतीय सेना में शामिल होकर राज्य का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। आज हम आपको चमोली जिले के एक ऐसे ही होनहार युवक से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने अपने घर की आर्थिक स्थिति को अपनी सफलता के आड़े आने नहीं दिया और कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के बाद वे आखिरकार सेना में अफसर बन गए हैं। हम बात कर रहे हैं गैरसैंण के कृष्णा रावत की जिनके पिता किसान हैं और वे अपने मेहनत से सैन्य अफसर बन गए हैं जिसके बाद गैरसैंण ब्लॉक का पूरा क्षेत्र गौरवान्वित महसूस कर रहा है। एमएलटीई सैन्य अकादमी मऊ से पास आउट होकर कृष्णा रावत भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं। उनके भारतीय सेना में शामिल होने के बाद उनकी मां शांति देवी और उनके पिता सुरेंद्र सिंह रावत के चेहरे पर गर्व साफ तौर पर देखा जा रहा है।