दोनों बच्चे अपने साथियों संग गड्ढे में भरे बरसाती पानी में नहाने के लिए आए थे, लेकिन गड्ढा ज्यादा गहरा था। जिस वजह से दोनों बच्चे पानी में डूब गए।
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Komal Negi
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Image: Two children drowned in a water pit in Haridwar
हरिद्वार: हरिद्वार में पानी से भरे बरसाती गड्ढे दो मासूमों के लिए काल बन गए। ईंट की मिट्टी के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। मासूमों की मौत से क्षेत्र में मातम पसरा है, घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकाल लिए गए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान 12 साल के सरफराज पुत्र शाहिद और 11 वर्षीय सुहैल पुत्र इस्तखार के रूप में हुई। दोनों बच्चे रुड़की के मोहल्ला बाहर किला क्षेत्र में परिवार के साथ रहते थे। मंगलवार को दोनों बच्चे अपने साथियों संग ईंट की मिट्टी के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे बरसाती पानी में नहाने के लिए आए थे, लेकिन गड्ढा ज्यादा गहरा था। मासूम गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके। थोड़ी देर बाद दोनों बच्चे गड्ढे में डूबने लगे।
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साथ आए दूसरे बच्चों ने यह जानकारी उनके परिजनों को दी। जिसके बाद दोनों बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए, लेकिन परिजनों के पहुंचने तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। साथ आए बच्चों ने बताया कि सरफराज और सुहैल नहाने के लिए एक साथ गड्ढे मे कूदे थे, गड्ढा गहरा और दलदला था। जिससे दोनों बच्चे संभल नहीं पाए और उसमें डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को गड्ढे से बाहर निकाला। उत्तराखंड में इन दिनों नदियां-नाले उफान पर हैं। प्रशासन भी लोगों से नदी-गदेरों के पास न जाने की अपील कर रहा है, लेकिन लोग मान नहीं रहे। जगह-जगह नदी-तालाबों में डूबने से हादसे हो रहे हैं। हमारी आपसे अपील है कि हरिद्वार में हुए हादसे से सबक लें। अपने बच्चों को नदी-तालाबों के पास न जाने दें।