फर्जी कोविड रिपोर्ट के साथ पकड़े गए तो आपके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है, गिरफ्तारी हो सकती है। यही नहीं भविष्य में सरकारी दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में दिक्कतें भी आएंगी। इसलिए ऐसा न करें
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Komal Negi
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Image: Rules for those coming from outside states in Uttarakhand
देहरादून: राज्य सरकार ने बाहर से आ रहे पर्यटकों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं, फिर भी लोग मान नहीं रहे। सैर-सपाटे के चक्कर में फर्जी कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लेकर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। अगर आप भी ऐसा करने की सोच रहे हैं, तो जरा संभल जाएं, ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर रही है। गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हो रही है। भविष्य में मुकदमे और गिरफ्तारी की कार्रवाई से बचना है तो अपने कदम अभी से थाम लें। फर्जी कोविड रिपोर्ट लाने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। पुलिसकर्मी रिपोर्ट पर लगा बार कोड चेक कर रहे हैं। जो लोग फर्जी कोविड रिपोर्ट ला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो रही है। इन दिनों पंजाब, यूपी, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों से टूरिस्ट उत्तराखंड घूमने आ रहे हैं। बाहर से आने वालों के लिए 72 घंटे के अंतराल की कोविड रिपोर्ट, देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और ठहरने का आरक्षण अनिवार्य किया गया है, लेकिन कई लोग इन नियमों का पालन नहीं कर रहे।
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कुछ लोग फर्जी रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं, तो कुछ पुरानी कोरोना जांच रिपोर्ट में तारीख बदलकर नया प्रिंट लेकर साथ चल रहे हैं। बॉर्डर पर बार कोड की स्कैनिंग में रिपोर्ट की असलियत सामने आ जा रही है। पिछले चार दिनों में देहरादून पुलिस डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को फर्जी कोरोना रिपोर्ट के साथ पकड़ चुकी है। अगर आप भी उत्तराखंड आ रहे हैं तो पहले कोरोना जांच कराएं। असली रिपोर्ट साथ लेकर आएं। फर्जी रिपोर्ट लेकर आना संगीन अपराध है। ऐसा करने पर आपको जेल हो सकती है। केस दर्ज हुआ तो भविष्य में कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। फर्जीवाड़े में सजा का प्रावधान भी है। एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत के मुताबिक फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों को भविष्य में सरकारी दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए ऐसा न करें।