चमन सिंह घर लौटते वक्त जंगली मशरूम यानि च्यू तोड़कर घर ले गया था, लेकिन किसे पता था कि ये च्यूं पिता-बेटी की जान ले लेगा। दुर्भाग्य से ऐसा ही हुआ। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Father-daughter died after eating poisonous mushroom in Tehri
टिहरी गढ़वाल: बरसात में पहाड़ के जंगलों में उगने वाले च्यूं को लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कई बार जंगली च्यूं जहरीला भी होता है, और लोगों की जान ले लेता है। टिहरी में रहने वाले एक परिवार के साथ भी यही हुआ। यहां जहरीले च्यूं यानि जंगल में मिलने वाले मशरूम के सेवन से पिता-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। गांव में मातम पसरा है। मामला प्रतापनगर ब्लाक के खोलगढ़ गांव का है। यहां 47 साल के चमन सिंह पुत्र पूरण सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। बीते शनिवार को चमन सिंह प्रतापनगर से अपने घर जाते समय जंगली मशरूम तोड़कर घर ले गए। उसी रात चमन सिंह और उनकी 13 साल की बेटी आशा ने मशरूम की सब्जी बनाकर खाई। रविवार सुबह पिता-पुत्री को उल्टी-दस्त होने लगे। हालत बिगड़ी तो दोनों को सीएचसी प्रतापनगर में एडमिट कराया गया। वहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को घर भेज दिया, लेकिन सोमवार को उनकी हालत फिर बिगड़ गई।
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जिसके बाद आशा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी थी। जबकि पिता इलाज के लिए देहरादून चला गया। बुधवार को आशा की तबीयत फिर खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। उधर शुक्रवार को चमन सिंह ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। आशा की मौत के बाद उसके पिता के निधन का समाचार मिलते ही गांव में मातम पसर गया। प्रतापनगर पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. कुलभूषण त्यागी ने बताया कि बीते रविवार को पिता-पुत्री ने उल्टी-दस्त होने की शिकायत की थी। इलाज के बाद दोनों की हालत में सुधार था, जिस पर उन्हें घर भेज दिया गया। उन्होंने जंगली मशरूम खाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। पिता-बेटी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर शोक जताया। उन्होंने सरकार से पीड़ित के आश्रितों को आर्थिक मदद देने की मांग भी की।