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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: उत्तराखंड में नेताओं के झूठे वादों की तरह यहां की सड़कें भी टिक नहीं पाती हैं। नेता बड़े-बड़े वादे जरूर करते हैं मगर उन वादों की असलियत तो सबको पता ही होती है। ठीक इसी प्रकार उत्तराखंड में सड़कें तो बनती हैं मगर उन सड़कों की हकीकत कुछ दिनों के बाद ही दिखने लग जाती है।पहाड़ में विकास के नाम पर बन रही सड़कों का हाल बेहाल है। कहीं पर निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जाती है तो कहीं पर कमीशनखोरी में अक्सर गुणवत्ता को अनदेखा कर दिया जाता है। इसका नतीजतन सड़कें उखड़ने लगती हैं। और इन सब का सीधा असर पड़ता है आम जनता के ऊपर। विकास के नाम पर चल रहे भद्दे मजाक का एक नमूना हरिद्वार में देखिए। उत्तराखंड में सड़कों का निर्माण की पोलपट्टी खुल गई है और इन साफ हो गया है कि हरिद्वार में सड़कों का निर्माण बेहद घटिया तरीके से किया जा रहा है। हरिद्वार जिले के ज्वालापुर में 8 महीने पहले ही सिंचाई विभाग ने एक सड़क का निर्माण किया था। 8 महीने में ही सड़क की सच्चाई सबके सामने आ गई है। इसी सड़क में एक बड़ा हादसा हो गया है और सड़क धंसने से चलती बाईक सड़क में समा गई है। आगे देखिए वीडियो