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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड और आपदा एक दूसरे के पर्याय बन गए हैं उत्तराखंड में सब जगह भारी बारिश का कहर जारी है। जहाँ एक ओर सभी नदी नाले उफान पर है वहीं दूसरी ओर भूस्खलन से अधिकतर सड़कें टूट चुकी है और यातायात मार्ग पूर्ण रूप से अवरूद्ध हैं। बता दें की आज तबाही की ये तस्वीरें नैनीताल से आई हैं। जहां लगातार जारी बारिश और भूस्खलन की वजह से ठंडी सड़क पर पाषाण देवी मंदिर के पास क्षतिग्रस्त हो गया है। भूस्खलन की वजह से सड़क का बड़ा हिस्सा ढहकर नैनी झील के भेंट चढ़ गया, पत्थरों के गिरने से झील में तेज लहरें उठने लगीं। कई पेड़, बिजली लाइन और नैनीझील से लगी रेलिंग भी टूट गईं गनीमत रही कि उस वक्त घटनास्थल पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जानमाल की क्षति नहीं हुई। बता दें की नैनीताल डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल बीते रोज ठंडी सड़क पर पाषाण देवी मंदिर के पास दरक रही पहाड़ी का निरीक्षण किया। डीएम गर्ब्याल उस वक्त बाल-बाल बचे, जब पाषाण देवी मंदिर के पास दरक रही पहाड़ी से पत्थर और मलबा उनके ऊपर ही आ गिरा डीएम गर्ब्याल मलबे के ढेर पर चढ़कर मौके का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे। इसी समय फिर से भूस्खलन शुरू हो गया और पत्थरों के साथ मलबा गिरने लगा। गर्ब्याल खुद को बचाते हुए वहां से नीचे उतर आए।