बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन और ट्रक फंसने से यातायात ठप हो गई, जिस कारण से छह बरातें घंटों फंसी रहीं और कई बरातियों को रात रास्ते में बितानी पड़ी।
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Image: Wedding processions stuck due to traffic jam on Badrinath Highway
चमोली: बदरीनाथ हाईवे पर अणीमठ के पास बीते गुरुवार रात भूस्खलन और ट्रक फंसने से यातायात ठप हो गया। इस वजह से छह बरातें घंटों फंसी रहीं और कई बरातियों को रात होटल व लॉज में बितानी पड़ी। कुछ बरात देर रात जाम खुलने पर निकल गई, वहीं कुछ सुबह मलबा हटने के बाद गंतव्य की ओर रवाना हुईं।
Wedding processions stuck due to traffic jam on Badrinath Highway
जानकारी के अनुसार बीते बृहस्पतिवार को रात करीब 8 बजे बदरीनाथ हाईवे पर अणीमठ के पास एक ट्रक फंस गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। उस दौरान उसी मार्ग से तीन बरातें भी अपने-अपने गांव से दुल्हन लेकर लौट रही थीं। इनमें से एक बारात ज्योतिर्मठ से मायापुर (पीपलकोटी) जा रही थी, जो रात 8 बजे जाम में फंस गई। उसके बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खुलने पर यह बरात रात 10 बजे अपने रास्ते पर आगे बढ़ी। इसी मार्ग पर बड़ागांव से पाखी और द्वींग जाने वाली दो बरातें भी काफी देर जाम में फंसी रहीं।
बारातियों ने होटलों में गुजारी रात
इसके अलावा देर शाम पीपलकोटी क्षेत्र में तेज बारिश के चलते बेनारपानी में भूस्खलन हो गया, लगातार गिरते पत्थरों की वजह से पैदल आवाजाही तक मुश्किल हो गई। कर्णप्रयाग से रविग्राम जा रही एक बरात वहीं फंस गई, इस बरात को पाखी स्थित एक होटल में रात गुजारनी पड़ी। इसी दौरान पीपलकोटी में दो और बरातें भी अटक गईं—एक उर्गम से पोखरी की ओर जा रही थी और दूसरी ज्योतिर्मठ से देहरादून की ओर। हाईवे बंद होने के कारण से दोनों बरातों ने पीपलकोटी में ही रात्री विश्राम किया।
सुबह बारिश थमने के बाद जेसीबी ने हटाया मलबा
देहरादून जा रही बरात के कुछ रिश्तेदार पीपलकोटी में रहते थे, जिन्होंने बारात में शामिल 100 बरातियों के रहने और खाने की व्यवस्था की। वहीं उर्गम से पोखरी जा रही बरात में लगभग 70 लोग थे, जिनमें से कुछ को काली कमली धर्मशाला और कुछ को लॉज में ठहराया गया। आज शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे बारिश थमने के बाद एनएचआईडीसीएल की जेसीबी ने मलबा हटाना शुरू किया, जिसके बाद सभी बराती और यात्री अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो गए।
मशीनों और मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
जिला प्रशासन ने अणीमठ में भू-धंसाव और हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण यातायात में हो रही परेशानियों पर संज्ञान लिया। जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अधिकारियों को मशीनों और मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बीआरओ ने एक्सकेवेटर की तैनाती कर क्षतिग्रस्त हिस्से में मिट्टी और पत्थरों का भरान शुरू कर दिया है, ताकि हाईवे समतल होकर यातायात सुचारू रूप से चल सके।