मसूरी: कैंपटी फॉल में आया उफान, झरने में फंसे पर्यटक और पुलिसकर्मी

करीब दो घंटे तक वे वहीं फंसे रहे। जब पानी का स्तर कम हुआ तो किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया।
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Kempty fall overflow: Kempty fall overflow in mussoorie
Image: Kempty fall overflow in mussoorie

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बरसात के कारण जगह-जगह से तबाही वाली तस्वीरें देखने को मिल रही है। मसूरी में भी बरसात कहर बनकर बरस रही है। पहाड़ो की रानी मसूरी में हुई भीषण बारिश का नतीजा है कि कैंपटी फाल में अचानक ही पानी का बहाव काफी अधिक बढ़ गया। कैंपटी फॉल में जलस्तर बढ़ने से कुछ पुलिस कर्मी एवं दो महिला पर्यटक झरने के दूसरे छोर पर फंस गए। 2 घंटे तक सभी वहां फंसे रहे। पानी का जलस्तर कम होने के बाद वे वहां से बाहर निकल सके। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बरसात तेज होते ही कैंपटी फाल में नहा रहे 250 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। मगर उसके बावजूद भी कुछ पुलिसकर्मी एवं दो महिला पर्यटक करीब दो घंटे तक झरने के दूसरे छोर में फंसे रहे और उनकी सांसें अटकी रहीं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बारिश से बढ़ा टिहरी झील का जलस्तर, खतरे की जद में आये कई गांव
हादसा बीते सोमवार की शाम का बताया जा रहा है। कैंपटी थाने के थानाध्यक्ष नवीन चंद ने बताया कि बीते सोमवार सुबह से ही मसूरी में हो रही भारी बारिश ने कैम्‍पटी फाल ने खतरनाक रूप धारण कर लिया। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए विभिन्न झरनों और मुख्य झरने में नहा रहे पर्यटकों को तुरंत ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। इस दौरान 2 पर्यटक और कुछ पुलिसकर्मी झरने के दूसरी ओर फंस गए, जिन्‍हें पानी कम होने पर निकाला गया। कंपनी बाग, जार्ज एवरेस्ट आदि क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने के बाद से कैंपटी फाल व आसपास से पर्यटकों, स्थानीय आमजन व दुकानदारों को हटा दिया गया था। मगर झरने में पानी अचानक बढ़ जाने से कुछ पुलिस कर्मी समेत दो महिला पर्यटक झरने के दूसरे छोर पर फंस गए। करीब दो घंटे तक वे वहीं फंसे रहे। जब पानी का स्तर कम हुआ तो किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से वर्तमान में केंपटी फॉल में पर्यटकों को नहाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पर्यटकों को झरने के आसपास भी नहीं जाने दिया जा रहा है।