देहरादून-मसूरी-ऋषिकेश जाने वाले ध्यान दें, ये नियम तोड़े तो लगेगा 1000 जुर्माना

नियमों की अनदेखी करने वालों को सबक सिखाने के लिए देहरादून प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। यहां सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क या थूकते हुए पकड़े गए तो पांच सौ रुपये जुर्माना देना पड़ेगा।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
dehradun mussoorie rishikesh: 1000 fine on spitting in dehradun mussoorie rishikesh
Image: 1000 fine on spitting in dehradun mussoorie rishikesh

देहरादून: कोरोना संक्रमण का दौर है। प्रदेश में महामारी अधिनियम लागू है। इसके तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकना मना है। जहां-तहां थूकते पकड़े जाने पर जुर्माना वसूलने का प्रावधान है, लेकिन लोगों की आदत नहीं सुधर रही। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए देहरादून प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। यहां सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क या थूकते हुए पकड़े गए तो पांच सौ रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। दोबारा पकड़े जाने पर यह सात सौ और तीसरी बार बिना मास्क के पकड़े जाने पर एक हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है। अगर आप देहरादून, ऋषिकेश या मसूरी घूमने जा रहे हैं, तो इन नियमों का ध्यान रखें। दून में बिना मास्क के साथ ही यदि कोई भी व्यक्ति सड़क पर थूकता पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें - देहरादून DM का सख्त निर्देश, किसी अधिकारी का फोन स्विच ऑफ मिला खैर नहीं
इस तरह देहरादून समेत अन्य पर्यटक स्थलों पर घूमते वक्त आपको मास्क अनिवार्य रूप से पहनना है, और हां सड़क पर थूकना नहीं है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से यह कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत मसूरी, ऋषिकेश, सहस्रधारा, गुच्चूपानी समेत जितने भी पर्यटन स्थल हैं, वहां पर भी बिना मास्क के अलावा थूकते हुए पकड़े जाने पर लोगों को जुर्माना देना होगा। डीएम ने कहा कि वीकएंड पर मसूरी और ऋषिकेश जैसे पर्यटक स्थलों पर खूब भीड़ उमड़ती है। दूसरे राज्यों से पर्यटक बड़ी तादाद में उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के कोरोना संक्रमित होने की संभावना थोड़ी बढ़ जाती है। जोखिम को टालने के लिए उप जिलाधिकारियों को कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पायी गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।