हरिद्वार में 9 साल पुरानी टेंशन होगी खत्म, शुरू हुआ फोरलेन बाईपास का काम

आइएसबीटी फ्लाईओवर के बीच बाटलनेक बन चुके हरिद्वार बाईपास को फोर लेन करना नई कंपनी राकेश कंस्ट्रक्शन ने शुरू कर दिया है
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Haridwar four lane bypass: Haridwar bypass four lane road work starts
Image: Haridwar bypass four lane road work starts

हरिद्वार: राजधानी देहरादून में साल 2012 से लेकर अब तक बहुत कुछ बदल चुका है, लेकिन जो इन नौ सालों में नहीं बदला तो वह है. हरिद्वार बाईपास रोड का हाल बता दें, आइएसबीटी से लेकर अजबपुर रेलवे ओवर ब्रिज के बीच के इस हिस्से से दून की करीब दो लाख से अधिक की आबादी सीधे तौर पर जुड़ी है. इसके अलावा शहर को जोडऩे में भी बाईपास रोड अहम भूमिका निभाती है. और सहारनपुर से हरिद्वार के बीच का यातायात भी इस भाग पर निर्भर करता है. बता दें की करीब नौ साल तक जनता को दर्द देने के बाद आखिरकार हरिद्वार बाईपास रोड के चौड़ीकरण की राह खुल गई है. आइएसबीटी फ्लाईओवर के बीच बाटलनेक बन चुके हरिद्वार बाईपास को फोर लेन करना नई कंपनी राकेश कंस्ट्रक्शन ने शुरू कर दिया है. इसके बाद अब जल्द इस हाईवे के हालात सुधरने की उम्मीद जगी है.

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बता दें की हरिद्वार रोड को आईएसबीटी से हरिद्वार तक चौड़ा करने के काम कुछ साल पहले शुरू हुआ था. इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक चार फ्लाई ओवर बन चुके हैं. और ज्यादातर जगहों पर ये हाईवे फोरलेन बनाया जा चुका है. लेकिन, आईएसबीटी से लेकर अजबपुर तक के हिस्से का काम काम करीब दो वर्ष पहले शुरू हो जाने के तुरंत बाद रुक गया था. बताया जाता है कि कॉन्ट्रेक्टर ने काम बीच में ही छोड़ दिया था. इससे पहले चौड़ीकरण के लिए सितंबर 2012 में अमृत डेवलपर्स के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग खंड डोईवाला ने अनुबंध किया था. चौड़ीकरण में असफल होने पर यह काम अमृत डेवलपर्स से छीन लिया गया था. क्योंकी कार्य समाप्ति की अवधि वर्ष 2014 तक अमृत डेवलपर्स यहां महज 15 फीसद काम ही कर पाई थी. और इस बहुप्रतीक्षित हाईवे को 2013 में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन तब कई कारणों से ये काम लटक गया. और आखिरकार नौ साल के लम्बे इंतज़ार के बाद अधर में लटकी साढ़े तीन किलोमीटर लंबी बाईपास रोड को फोर लेन का काम नई कंपनी राकेश कंस्ट्रक्शन ने शुरू कर दिया है.