उत्तराखंड से आनंद गिरि गिरफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में भी लगे थे अश्लील हरकतों के आरोप

12 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़कर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने की जीवन लीला समाप्त, शिष्य आनंद गिरी पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने हरिद्वार से किया आनंद गिरी को गिरफ्तार
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Narendra giri death case: Anand giri arrested in narendra giri death case
Image: Anand giri arrested in narendra giri death case

हरिद्वार: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि एक बार फिर से विवादों से घिर चुके हैं। विवादों से आनंद गिरि का बहुत पुराना नाता रहा है मगर इस बार वजह जानकर आप भी चौंक उठेंगे। बीते सोमवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव अल्लापुर में स्थित उनके आवास में मिला। आत्महत्या करने के बाद वहां पर हड़कंप मच गया और पुलिस सूचना मिलते ही आनन-फानन में उनके आवास में पहुंची जहां पर पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। 12 पन्नों का सुसाइड नोट बहुत कुछ बयां करता है। आत्महत्या करने से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नोट में लिखा कि उनके शिष्य आनंद गिरि उनको आए दिन परेशान करते रहते थे। उन्होंने आनंद गिरि के ऊपर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। सच क्या है यह कोई नहीं जानता। मगर उनके शिष्य आनंद गिरि ने कहा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि उनके गुरु जी कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकते। पुलिस ने हरिद्वार से आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है।

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महंत नरेंद्र गिरि का 12 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़कर जाना और उसमें अपने शिष्य आनंद गिरि के ऊपर परेशान करने का आरोप लगाना बहुत कुछ कहता है और बयां करता है। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब आनंद गिरी का नाम किसी विवाद में आया हो। इससे पहले भी वह ऑस्ट्रेलिया में दो महिलाओं के साथ अभद्र और अश्लील व्यवहार के आरोप में जेल जा चुके हैं। 2016 में और 2018 में उनके ऊपर दो अलग-अलग महिलाओं के साथ शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। हालांकि तब उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरि अपने शिक्षा आनंद गिरि के बचाव में सामने आए थे और उनको निर्दोष बताया था। एक बार फिर आनंद गिरी सवालों के घेरे में आ चुके हैं शक के दायरे में भी आ चुके हैं। पुलिस ने हरिद्वार से आनंद गिरि को हिरासत में लिया। वहीं प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर के दो पुजारी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस द्वारा इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस हर एक पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। वहीं आनंद गिरि ने अपने बचाव में कहा है कि सुसाइड नोट में लिखी हुई हैंडराइटिंग उनके गुरु जी की नहीं है। उन्होंने कहा है कि उनके गुरु जी ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी हत्या की गई है और यह एक गहरी सोची समझी साजिश है। आनंद गिरि ने मांग की कि सुसाइड नोट हैंडराइटिंग की जांच की जाए।