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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: पहाड़ में सरकारी स्कूलों के क्या हाल हैं यह बात तो आप अच्छी तरह जानते होंगे। आज उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में कुछ स्कूल इतनी जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं कि बच्चे वहां जाने से डरते हैं। ऐसे में इन स्कूलों में शिक्षा का क्या हाल होगा? यह बात हर कोई जानता है। तो आखिर इसका हल क्या है? आज हम आपको पहाड़ के एक ऐसे स्कूल के बारे में बताना चाहते हैं, जिसे ग्राम प्रधान की कोशिशों से नया रंग रूप दिया गया है। यकीन मानिए पहाड़ का यह स्कूल शहर के अच्छे खासे स्कूलों को मात दे रहा है। हम बात कर रहे हैं पिथौरागढ़ की। यहां क्वीतड़ गांव के प्रधान ने स्कूल को ऐसा लुक दिया की हर कोई वाहवाही कर रहा है। जी हां इस गांव के प्रधान हैं श्याम सुंदर। श्यामसुंदर कहते हैं जब वह छोटे थे तो 10:00 12 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाया करते थे। उस वक्त स्कूल की हालत बदहाल थी। उस वक्त से ही उनके मन में एक हाईटेक स्कूल बनाने का विचार आया था। यह सपना अब पूरा हो गया है।