अलर्ट: हरिद्वार में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, निचले इलाकों के लोग सावधान रहें

गंगा के उफान पर होने के चलते निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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Haridwar ganga water level: Ganga water level rise in haridwar
Image: Ganga water level rise in haridwar

हरिद्वार: उत्तराखंड में बारिश के साथ आई मुश्किलों से राहत नहीं मिल रही। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार जारी बारिश से लोग परेशान हैं। पहाड़ों में भूस्खलन के चलते कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मैदानों में भी सड़कें-कॉलोनियां तालाब में तब्दील हो गई हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। भारी बारिश के बाद हरिद्वार में मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। यहां गंगा का जलस्तर 294.5 मीटर दर्ज किया गया है। खतरे का निशान पार करने से पहले ही निचले इलाकों को हाई अलर्ट कर दिया गया था। नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर देखने के बाद बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। लोगों को नदी के करीब नहीं जाने दिया जा रहा है। गंगा के उफान पर होने के चलते निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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ऋषिकेश में भी सभी घाट जलमग्न नजर आ रहे हैं। यहां भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। कुमाऊं में कोसी और गोला नदी उफान पर है। पिथौरागढ़ जिले के थल में भी रामगंगा का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में दहशत है। धारचूला में काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। गोरी और सरयू नदी भी पूरी तरह उफान पर हैं। नदियों का विकराल रूप देखकर लोग डरे हुए हैं। सोमवार को प्रदेश में कई जिलों में दिन भर बारिश हुई। अगले 24 घंटों की बात करें तो मंगलवार को कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार से मौसम में कुछ सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन ठंड बरकरार रहेगी।