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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में हाल ही में भारतीय सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड ने अपने कई लाल हमेशा-हमेशा के लिए खो दिए। आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के हरेंद्र सिंह भी शहीद हो गए थे। आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए हरेंद्र सिंह रिखणीखाल तहसील के गुर्ठेता ग्राम सभा के ग्राम पीपलसारी के मूल निवासी थे। अपने जवान बेटे की मौत के बाद से ही शहीद के माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और उनके परिजनों के बीच में मातम पसरा हुआ है। वहीं मूसलाधार बरसात के कारण सड़क बंद होने से उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंच नहीं पाया। फिलहाल शहीद का पार्थिव शरीर रिखणीखाल हॉस्पिटल में रखा गया है। शहीद नायक हरेंद्र सिंह (35) 16वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वे वर्तमान में भारतीय सेना की 48 आरआर रेजीमेंट में जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में ड्यूटी पर थे। 15 अक्तूबर को आतंकियों से मुठभेड़ में नायक हरेंद्र सिंह शहीद हो गए.