देहरादून: IFS की नौकरी छोड़ चुनाव लड़ेगा ये सीनियर अफसर, बेहद खास है वजह..आप भी जानिए

उत्तराखंड के एक आईएफएस अफसर ने पॉलिटिक्स में आने के लिए अपनी जमी-जमाई सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने वीआरएस ले लिया है, ताकि चुनाव लड़ सकें।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Ifs sanatan Sonkar: Ifs sanatan sonkar to contest in uttarakhand vidhansabha election
Image: Ifs sanatan sonkar to contest in uttarakhand vidhansabha election

देहरादून: विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही हर किसी पर चुनावी रंग चढ़ने लगा है। चुनाव से पहले कुछ नेता पाला बदल चुके हैं, कुछ पाला बदलने की तैयारी में है। राजनीति का रूआब ही कुछ ऐसा है कि हर कोई नेता बनना चाहता है, राजनीति में एंट्री करना चाहता है। अब उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर को ही देख लें, इन्होंने पॉलिटिक्स में आने के लिए अपनी जमी-जमाई सरकारी नौकरी छोड़ दी। सीसीएफ सनातन सोनकर के रिटायरमेंट को अभी 6 महीने बचे थे, लेकिन उन्होंने वीआरएस ले लिया। ताकि वो विधानसभा चुनाव लड़ सकें। आईएफएस सनातन वर्तमान में देहरादून के वसंत विहार क्षेत्र में रहते हैं। सनातन सोनकर राजनीति में क्यों आना चाहते हैं, ये भी बताते हैं। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी खबर, दल बदल के बीच एक्टिव हुए विजय बहुगुणा
उन्होंने बताया कि वो लंबे समय से राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष और स्थानीय लोगों की फसलों को जंगली जानवरों से नुकसान को रोकने के लिए ठोस योजना बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन विभाग में रहते ऐसा हो नहीं पाया, अब वो रिटायरमेंट ले रहे हैं। उसके बाद राजनीति में जाएंगे और अपनी योजना पर काम करेंगे। सनातन सोनकर जलागम में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे, उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई है। व्यवस्था की खामियों से आजिज आकर सनातन सोनकर ने पॉलिटिक्स में जाने का मन बनाया है। वो हरिद्वार से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वरिष्ठ आईएफएस अफसर करीब दो साल से जलागम में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व ही अपने वीआरएस को लेकर शासन को आवेदन भेजा था। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से नौकरी छोड़ने की बात कही थी। इस पर शासन ने उनके वीआरएस को मंजूरी दे दी। इस तरह अब वो 6 महीने पहले ही रिटायर हो जाएंगे। सनातन सोनकर 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं। इसके बाद वो चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटेंगे।