उत्तराखंड: क्या ये कोरोना की तीसरी लहर है? 5 महीने के बच्चे की हुई मौत

जिला अस्पताल (pithoragarh coronavirus) में इलाज कराने के लिए लाये गए पांच माह के कोरोना संक्रमित बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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pithoragarh coronavirus: 5-year-old child dies of coronavirus in Pithoragarh
Image: 5-year-old child dies of coronavirus in Pithoragarh

पिथौरागढ़: त्योहारी सीजन में कोरोना रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतनी जरूरी है। अगर जरा भी लापरवाही की तो कोरोना एक बार फिर पैर पसार सकता है। विशेषज्ञ पहले ही कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जता चुके हैं, इस बीच एक डराने वाली खबर पिथौरागढ़ (pithoragarh coronavirus) से आई है। यहां जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाये गए पांच माह के कोरोना संक्रमित बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता नेपाल के रहने वाले हैं। परिजन बच्चे को बेहतर इलाज के लिए झूलाघाट के रास्ते होते हुए पिथौरागढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन अफसोस कि मासूम की जान बच नहीं सकी। सीमांत जिले में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के मामले में यह मरीज सबसे कम उम्र का है। इससे पहले गंगोलीहाट में कोरोना से दो साल की एक बच्ची की मौत हुई थी।

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नेपाल निवासी नरेंद्र चंद का 5 महीने का बच्चा प्रशांत चंद बुखार और खांसी से पीड़ित था। बच्चे की तबीयत बिगड़ती देख नेपाल के चिकित्सकों ने बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया। रविवार को परिजन बच्चे को जिला अस्पताल ले आए। यहां एंटीजन जांच की गई तो बच्चे में कोरोना संक्रमण (pithoragarh coronavirus) की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान रात 2 बजे बच्चे की मौत हो गई। कोरोना संक्रमित बच्चे की मौत से सीमांत क्षेत्र में खलबली है, लोग डरे हुए हैं। कोरोना को लेकर चेक पोस्ट पर की जाने वाली जांच-पड़ताल के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। 5 महीने के कोरोना संक्रमित बच्चे को उसके परिजन नेपाल से जिला मुख्यालय ले आए, लेकिन इस बीच किसी भी चेक पोस्ट पर इनकी जांच नहीं हुई। नेपाल से हर दिन सैकड़ों लोग भारत में आवाजाही कर रहे हैं, इसलिए संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही कर रहे लोगों की नियमित जांच के दावे कर रहे हैं।