उत्तराखंड: आयुषी और जयंत ने रोशन किया हल्द्वानी का नाम, NEET परीक्षा में पाई कामयाबी

नीट परीक्षा का रिजल्‍ट जारी कर दिया गया है जिसमे आयुषी द्विवेदी (Ayushi Dwivedi Jayant Joshi NEET) ने 5098 ऑल इंडिया रैंक के साथ हल्द्वानी में टॉप किया है-
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Haldwani Ayushi Dwivedi neet exam: Haldwani Ayushi Dwivedi and Jayant Joshi clear NEET exam
Image: Haldwani Ayushi Dwivedi and Jayant Joshi clear NEET exam

हरिद्वार: आज उत्तराखंड के युवा हर क्षेत्र में आगे हैं चाहे मनोरंजन का क्षेत्र हो या शिक्षा का क्षेत्र, वे देश ही नहीं विदेशों में भी उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं, बताते चलें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NEET) ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा के नतीजे जारी हो चुके हैं, जिसमे उत्तराखंड से आयुषी द्विवेदी (Ayushi Dwivedi Jayant Joshi NEET) ने 5098 ऑल इंडिया रैंक के साथ हल्द्वानी में टॉप किया है, जबकि जयंत जोशी की 9736 रैंक हासिल की है. होनहार युवाओं की इस कामयाबी से जहां प्रदेश में खुशी की लहर है, तो वहीं परिजनों की दीवाली की खुशियां भी दोगुनी हो गई है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत सोमवार को नीट के नतीजे जारी कर दिए थे, लेकिन पहले दिन तकनीकी खराबी के चलते सारे परिणाम घोषित नहीं हो सके थे. आगे पढ़िए

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आपको बता दें की राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) देश की इकलौती प्रवेश परीक्षा है जिसके जरिए अंडरग्रेजुएट मेडिकल व डेंटल कोर्सों में प्रवेश मिलता है. इस बार कोरोना के कारण कई बार परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था. मगर बाद में परीक्षा का आयोजन 12 सितंबर 2021 को किया गया था. आपको बता दें कि हल्द्वानी की टॉपर 19 वर्षीय आयुषी द्विवेदी मेडिकल कॉलेज परिसर निवासी है. उनकी स्कूली शिक्षा बिरला स्कूल में हुई है. उनके पिता डा. वीके द्विवेदी अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक हैं. आयुषी ने मीडिया से बातचीत में बताया की वह इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाए रखती हैं और रोज चार से पांच घंटे की पढ़ाई कर रही थी. वह आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट की छात्रा रही है. आगे पढ़िए

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साथ ही आयुषी द्विवेदी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है. वहीं कार्तिक कालोनी ऊंचापुल निवासी जयंत (Ayushi Dwivedi Jayant Joshi NEET) के पिता राजेन्द्र जोशी अल्मोड़ा अर्बन बैंक में कार्यरत हैं. जयंत ने बताया कि उन्होंने रोजाना 9 से 10 घंटे पढ़ाई की. कोचिंग में जो पढ़ाया उसे ध्यान से पढ़ा और नेटवर्किंग साइट्स से दूर रहे. जयंत ने कोरोना लॉकडाउन के समय का बेहतर इस्तेमाल किया जिसका नतीजा मिलने के बाद वह बेहद उत्साहित है साथ ही उनकी इस मेहनत का परिणाम भी सबके सामने है. राज्य समीक्षा टीम की तरफ से आयुषी और जयंत को उज्जवल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं.जीवन में हमेशा आगे बढ़िए