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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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रुद्रप्रयाग: कोरोनाकाल में चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra Uttarakhand Kedarnath Yatra) देर से शुरू होने के बावजूद उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड चार लाख के पार पहुंच गई है. आपको बता दें की कोविड को देखते हुए बीते 17 सितंबर को सीमित संख्या के साथ तीर्थयात्रियों चार धाम के दर्शनों की अनुमति दी गई थी. लेकिन ई पास की व्यवस्था और यात्रियों की सीमित संख्या के कारण कम ही लोग दर्शन कर पाए. यात्रियों की परेशानी को देखते हुए हाई कोर्ट ने पांच अक्तूबर को यात्रा से जुड़ी ई पास की शर्तें खत्म कर दी. पांच अक्तूबर को छूट मिलने के बाद भारी तादात में तीर्थयात्री उत्तराखंड पहुंचने लगे. आपको बता दें की चारधाम में आमतौर पर बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक तीर्थ यात्री दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन इस बार इतिहास में पहली बार केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या चारों धाम में सबसे अधिक रही.
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