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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: देश ने अपना सपूत एक भयानक चॉपर क्रैश में खो दिया। हर आंख नम है और उस पल की भयावहता का अंदाजा लगातार हर रूह कांप रही है। इतना भयानक हादसा? जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। क्या आप जानते हैं कि इस भयानक हादसे के बाद भी सीडीएस रावत जिंदा थे। यहां तक कि वो अपना नाम बता पाने में भी सक्षम थे। हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक ये दावा उस शख्स ने किया है, जो बचाव और राहत दल में मौजूद था। वो शख्स सबसे पहले हादसे की जगह पर पहुंचा था। उस शख्स का नाम है एन सी मुरली। इस बचावकर्मी ने बताया कि 'हमने दो लोगों को जिंदा बचाया था। उनमें से एक सीडीएस बिपिन रावत थे। शख्स ने दावा किया कि जनरल रावत ने धीमी आवाज में अपना नाम बताया। उनका निधन अस्पताल जाते वक्त रास्ते में हुआ। आगे पढ़िए
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