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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: CDS Bipin Rawat भले ही हमारे बीच नहीं हैं मगर उनके पैतृक गांव में आवास बनाने का सपना जल्द ही पूरा होगा। उनकी इच्छा थी कि गांव में उनका आवास बने। उन्होंने यह भी कहा था कि सेवानिवृत्त होने के बाद वे गांव सैंण में आकर रहेंगे। पैतृक गांव में उनका घर बनने का काम अगले साल ही शुरू होना था मगर उससे पहले ही जनरल रावत ने दुनिया को अलविदा कह दिया। पैतृक गांव में आवास बनाने का सपना सिर्फ जनरल बिपिन रावत का ही नहीं, बल्कि उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत का भी था। पिता की इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए जनरल रावत अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में आवास बनाने की तैयारी में थे। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन, उनके इस सपने को जरूर पूरा करने की जिम्मेदारी ली है उनके चाचा भरत सिंह रावत ने। उन्होंने कहा है कि जनरल बिपिन रावत हमारे बीच मौजूद नहीं हैं मगर उनकी इच्छाएं तो हमारे बीच उपस्थित हैं। उन इच्छाओं को हम पूरा करेंगे और बेटियों से वार्ता कर आवास निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। जनरल बिपिन रावत के चाचा भरत सिंह रावत आज भी ग्राम सैंण में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने वह भूमि भी दिखाई, जिसे जनरल रावत ने अपने लिए आवास बनाने को चयनित की थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई और भतीजे का सपना अब वे पूरा करेंगे। आदे पढ़िए