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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: तमिलनाडु के कुन्नूर में बीते महीने 8 दिसंबर को उत्तराखंड के जांबाज सपूत CDS General Bipin Rawat का Helicopter Crash हो गया था। आप ये बात भी जानते होंगे कि इस हादसे में CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 14 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के एक महीने बाद इससे जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, वायु सेना प्रमुख को इस हादसे की अंतिम रिपोर्ट जल्द सौंपी जाने वाली है। इस बीच सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर है। देश के शीर्ष हेलीकॉप्टर पायलट एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस Court of Inquiry का मानना है और क्रैश के कारणों की जांच कर रही कमेटी ने पाया है कि खराब मौसम के चलते पायलट 'डिसओरिएंट' हो गए होंगे, जिसके चलते हादसा हुआ। आगे पढ़िए...
इस तरह के हादसे तब होते हैं जब पायलट का ध्यान भटक जाए या फिर वो स्थिति का ठीक अनुमान न लगा पाए। कमेटी का मानना है कि इसके अलावा यह भी हो सकता है कि पायलट अनजाने में किसी सतह से टकरा गया हो। ऐसी स्थिति को कंट्रोल्ड फ्लाइट इनटू टेरैन (CIFT) कहा जाता है।
वायु सेना के कानूनी विभाग द्वारा जांच दल की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की तैयारी है। पांच दिनों के भीतर एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी को रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है। आपको बता दें कि तमिलनाडु केके वेलिंग्टन में डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज जाते समय CDS General Bipin Rawat का Helicopter Crashहो गया था।