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पौड़ी गढ़वाल: 8 दिसंबर 2021 की मनहूस तारीख हर भारतवासी का सीना दर्द से छलनी कर गई। पिछले महीने तमिलनाडु में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 12 अन्य वरिष्ठ सैन्य अफसरों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे देश को सन्न कर दिया। हादसे के बाद से ही ये सवाल हर किसी के मन में था कि आखिर सीडीएस का हेलिकॉप्टर क्रैश क्यों हुआ। इस सवाल का जवाब पता चल गया है। सीडीएस के हेलिकॉप्टर क्रैश की जांच पूरी हो गई है। एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक जांच रिपोर्ट में खराब मौसम को हेलिकॉप्टर क्रैश की बड़ी वजह बताया गया है। क्योंकि यह एक ‘आंतरिक रिपोर्ट’ है, इसलिए हो सकता है कि सार्वजनिक न की जाए। बुधवार की सुबह खुद वायुसेना प्रमुख और एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जांच रिपोर्ट की बारे में पूरी जानकारी दी। वायुसेना और रक्षा मंत्रालय की तरफ से जांच रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि खराब मौसम के चलते सीडीएस का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था। आगे पढ़िए
क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी और न ही ये हादसा मानवीय कारणों से हुआ। रिपोर्ट में सीएफआईटी यानी ‘कंट्रोल्ड फ्लाइट इंटू टेरेन’ को क्रैश का बड़ा कारण माना गया है। यानी लैंडिंग से पहले हेलिकॉप्टर के ठीक सामने ‘क्लाउड’ बादलों का एक बड़ा गुबार आने से हेलिकॉप्टर जमीन से जा टकराया होगा। रिपोर्ट में 8 दिसंबर 2021 को सीडीएस जनरल बिपिन रावत के तमिलनाडु के सूलुर एयरबेस से हेलिकॉप्टर में सवार होने और फिर वेलिंगटन के करीब क्रैश होने तक की पूरी डिटेल जानकारी दी गई है। साथ ही रिपोर्ट में वीवीआईपी फ्लाइंग के प्रोटोकॉल में बदलाव किए जाने के सुझाव भी दिए गए हैं। जांच कमेटी ने वायुसेना और थलसेना के संबंधित अधिकारियों के बयान रिकॉर्ड किए हैं। साथ ही उन स्थानीय लोगों से भी बातचीत की है जो इस दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे। क्रैश हुए हेलिकॉप्टर का एफडीआर, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक-बॉक्स भी घटनास्थल से बरामद किया गया था, उसे भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। 8 दिसंबर को हुए हादसे की मुख्य वजहों में 'कुहासे भरे मौसम' को भी एक वजह बताया गया है।