टिहरी गढ़वाल के युवक की दुबई में मौत, विधवा मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

परिजनों ने कहा कि दुबई में उनका कोई अपना नहीं है, ऐसे में उन्हें न तो भगवान सिंह (Tehri Garhwal Bhagwan Singh) के बारे में कोई जानकारी मिल पा रही है। न ही ये पता है कि शव कब और कैसे घर पहुंचेगा।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Tehri Garhwal Bhagwan Singh: Bhagwan Singh of Tehri Garhwal died in Dubai
Image: Bhagwan Singh of Tehri Garhwal died in Dubai

टिहरी गढ़वाल: पलायन उत्तराखंड का भाग्य बन गया है। रोजी-रोटी की तलाश में पहाड़ के युवा दूसरे देशों में जाने को मजबूर हैं, जहां उन्हें विपरित परिस्थिति में काम करने के अलावा दुखद घटनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। एक ऐसी ही दुखद खबर टिहरी गढ़वाल से आ रही है। यहां प्रखंड भिलंगना की ग्रामसभा तोली थाती, बूढ़ाकेदार निवासी भगवान सिंह की दुबई में अचानक मौत हो गई। भगवान सिंह सिर्फ 40 साल के थे। वो तीन महीने की छुट्टी काट कर 5 दिसंबर को ही दुबई गए थे। इस घटना के बाद भगवान सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दुबई में उनका कोई अपना नहीं है, ऐसे में उन्हें न तो भगवान सिंह के बारे में कोई जानकारी मिल पा रही है। न ही ये पता है कि शव कब और कैसे घर पहुंचेगा। जानकारी के मुताबिक भगवान सिंह ने सुबह के वक्त अपनी पत्नी को फोन कर पेट में दर्द होने की बात कही थी। कहा था कि थोड़ी देर बाद कॉल करेंगे।

यह भी पढ़ें - गढ़वाली लड़के की विदेश में मौत..रोशन रतूड़ी ने शव भारत भेजा
कुछ समय बाद भगवान सिंह की 15 वर्षीय बेटी डिंपल के फोन पर एक कॉल आया। कॉल कंपनी वालों ने किया था, उन्होंने बताया कि भगवान सिंह की मृत्यु हो चुकी है। ये दुखद समाचार मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मृतक भगवान सिंह अपने पीछे विधवा माता, पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़कर गए हैं। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान सिंह राणा ने बताया कि मृतक भगवान सिंह जब 1 साल का था, तब उसके पिता का निधन हो गया था। विधवा मां ने बड़ी मुश्किल से उसे पालपोस कर बड़ा किया। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी, इसलिए उसे दुबई जाना पड़ा। वो 7-8 साल से दुबई में काम कर के परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। पीड़ित परिवार ने सरकार-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि भगवान सिंह का शव दुबई से उनके गांव लाया जा सके। परिजन उनके अंतिम दर्शन कर सकें।