हरक के रूठने की खबरें नई नहीं हैं, लेकिन उनकी नाराजगी की टाइमिंग ऐन चुनाव के वक्त होने से बीजेपी के भीतर घमासान मचा है। पढ़िए...
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कोमल नेगी
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Image: Harak Singh Rawat Resignation is not first time in Uttarakhand Politics
देहरादून: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबर से उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया। हरक सिंह रावत अपनी सरकार से नाराज तो थे ही, अब खबर आ रही है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हरक सिंह रावत के साथ कांग्रेस से बीजेपी में आए दूसरे कई नेता भी रिवर्स पलायन के मूड में बताए जा रहे हैं। वैसे कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की नाराजगी जब-तब उनकी पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बनती रही है। हरक का सियासी इतिहास बताता है कि वे बहुधा नाराज हो जाते हैं। साल 2017 के चुनावों से ऐन पहले वह हरीश रावत से इस कदर नाराज हुए कि सीधे बीजेपी में जा पहुंचे।
जब खा ली थी मां धारी देवी की कसम:
एक बार तो हरक सिंह रावत इतने ज्यादा नाराज हो गए थे कि मां धारी देवी की कसम खा ली कि अब वह कभी मंत्री नहीं बनेंगे। हालांकि इसके बाद भी वो चुनाव लड़ते रहे और मंत्री बनते रहे। वैसे इस बार नाराजगी की वजह उनकी विधानसभा में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आना बताया गया है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक चल रही थी। अचानक कैबिनेट मंत्री हरक रावत ने कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का मसला उठा दिया। आगे पढ़िए...
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद हरक भरी कैबिनेट में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी न होने पर इस्तीफे का ऐलान करते हुए बाहर निकल गए। हालांकि बाद में सरकार ने कोटद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट जारी करने की घोषणा कर दी। इस मामले में सरकारी प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उन्हें हरक के इस्तीफे की जानकारी नहीं है। हरक ने कैबिनेट बैठक में इस्तीफे का ऐलान जरूर किया है।
उमेश शर्मा काऊ के Resign की भी सुगबुगाहट:
मंत्री हरक सिंह रावत के साथ रायपुर के बीजेपी विधायक उमेश शर्मा काऊ के भी बीजेपी छोड़ने की सूचना है। हालांकि, उमेश शर्मा काऊ ने इस खबर को गलत बताया। उधर इस्तीफे की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खेमे का दावा है कि हरक इस्तीफा नहीं देंगे। उनकी नाराजगी दूर हो गई है। हालांकि इस मामले पर अभी भी हरक सिंह रावत के बयान का इंतजार है। हरक के रूठने की खबरें नई नहीं हैं, लेकिन उनकी नाराजगी की टाइमिंग ऐन चुनाव के वक्त होने से बीजेपी के भीतर घमासान मचा है।