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देहरादून: पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के साथ-साथ अब उनकी बहू अनुकृति गुसांई की मुश्किलें भी बढ़ने वाली हैं।
जिम कार्बेट अभयारण्य की पाखरो रेंज में पेड़ कटान, अवैध निर्माण और जमीन धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत व उनकी बहू अनुकृति गुसांई को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों को 29 फरवरी को ईडी मुख्यालय पहुंचने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार ईडी दोनों से छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेज, नकदी व गहनों के बारे में पूछताछ कर सकती है। इससे पहले ईडी ने पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत, उनके रिश्तेदारों और वन अधिकारियों के ठिकानों पर 17 जगह छापेमारी कर 1.10 करोड़ रुपये की नकदी, करीब 80 लाख रुपये का 1.30 किलोग्राम सोना व 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा सीज की थी।
यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक सुशांत पटनायक, सेवानिवृत्त डीएफओ किशन चंद के साथ ही हरक के पूर्व निजी सचिव एवं उत्तराखंड सचिवालय संघ के पूर्व महामंत्री बिरेंद्र कंडारी, भाजपा के ऊधमसिंहनगर के जिला मंत्री अमित सिंह, रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा व प्रापर्टी डीलर नरेंद्र वालिया के ठिकानों पर की गई। अब पाखरो रेंज घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से संबंधित मामले में पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत अन्य लोगों को ईडी ने समन भेजे हैं। ईडी ने हरक सिंह रावत को 29 फरवरी को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। इसके अलावा अन्य को अलग-अलग तिथियों में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।