Rishikesh Badrinath Highway पर एक बार फिर से मलबा आ गया। एक बार कई घंटे ट्रैफिक बाधित रहा।
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कोमल नेगी
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Landslide in Saknidhar on Rishikesh Badrinath Highway
टिहरी गढ़वाल: खराब मौसम अपने साथ दूसरी कई दिक्कतें लाता है। इन दिनों उत्तराखंड में यही हो रहा है। बारिश का सिलसिला थम गया है, लेकिन कई जगह सड़कें अब भी बंद हैं। लोग खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बीच रास्तों में फंसे हैं, सड़कें खुलने का इंतजार कर रहे हैं। एक ऐसी ही तस्वीर Rishikesh Badrinath Highway से आई है। यहां सोमवार को साकणीधार के पास निर्माणाधीन ऑल वेदर सड़क का मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया। इस दौरान वाहन चालक करीब तीन घंटे तक सड़क पर फंसे रहे। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। बाद में एनएच कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। बीते सोमवार करीब साढ़े पांच बजे भारी बारिश के बाद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर साकनीधार के निकट ऑल वेदर रोड कटिंग का पथरीला मलबा दरक गया। गनीमत रही कि उस दौरान रोड से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो जाता।
रोड ब्लॉक हुई तो पुलिस ने ट्रैफिक को मलेथा और देवप्रयाग-गजा सड़क मार्ग पर डायवर्ट कर दिया। रोड खोलने में कई घंटे लगे। देर रात साढ़े आठ बजे हाईवे पर आवाजाही सुचारू हो सकी। राजमार्ग बाधित होने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। नियमित बस सेवाऐं भी हाईवे पर फंसी रहीं, जिसके चलते सवारियों को तीन घंटे हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच अंधेरे में अपना सफर तय करना पड़ा। उत्तराखंड के दूसरे पहाड़ी जिलों का भी यही हाल है। उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे को चार दिन बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है, लेकिन यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद है। यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप के मध्य 12 किलोमीटर हिस्से में बर्फबारी के कारण बंद है। जिले की 8 से ज्यादा सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह बंद है। ग्रामीण मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा, जिससे लोग परेशान हैं। Rishikesh Badrinath Highway पर जा रहे हैं, तो संभलकर चलें।