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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। जीत के लिए तमाम प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस बीच Uttarakhand assembly elections में Doiwala seat सबसे हॉट सीट में से एक गिनी जा रही है। दरअसल यहां बीजेपी से बृज भूषण गैरोला को प्रत्याशी बनाया गया है तो कांग्रेस ने गौरव चौधरी पर दांव खेला है। इस बीच बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। हालांकि उत्तराखंड क्रांति दल से शिव प्रसाद सेमवाल और आम आदमी पार्टी से राजू मौर्य ने भी अपनी अपनी दावेदारी पेश की है लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच माना जा रहा है। टिकट न मिलने से नाराज बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष जितेंद्र नेगी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे हैं। इस सीट पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बेहद नजदीकी माने जाने वाले बृज भूषण गैरोला यहां पर चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि डोईवाला सीट से टिकट न मिलने से नाराज जितेंद्र नेगी कहीं न कहीं बीजेपी की ही मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। आगे पढ़िए
इस बीच बीजेपी प्रत्याशी बृज भूषण गैरोला ने मीडिया को बताया है कि जितेंद्र नेगी को समझाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन वह माने नहीं। हालांकि इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया है कि नेगी से उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। उधर निर्दलीय प्रत्याशी जितेंद्र नेगी का कहना है कि वह पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि वह कई सालों से जनता के बीच में है और कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहले भी अनदेखी की गई और इस बार भी ऐसा ही हुआ। उनका कहना है कि उन्हें निर्दलीय भी जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। इतना जरूर कह सकते हैं कि डोईवाला सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा है। Uttarakhand assembly elections में Doiwala seat पर जनता की पसंद कौन बनेगा? यह तो आनेवाला वक्त ही तय करेगा।