उत्तराखंड में मतदान के तुरंत बाद बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, महंगाई की मार के लिए रहिए तैयार

उत्तराखंड वाले कर लें अपनी जेबें ढीली, जल्द महंगी होगी बिजली
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Uttarakhand Electricity rate: Electricity rate may increase in uttarakhand after voting
Image: Electricity rate may increase in uttarakhand after voting

देहरादून: उत्तराखंड वाले एक और प्रहार के लिए तैयार रहें। जल्द ही आपका बजट गड़बड़ा सकता है और आपको अपनी जेबों को थोड़ा ढीला करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तराखंड में 1 अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू होंगी और उत्तराखंड में एक बार फिर से ग्राहकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि फिर से बिजली के दाम बढ़ रहे हैं। 14 फरवरी को मतदान के बाद नई दरों पर सुनवाई होगी और 1 अप्रैल से बिजली की नई दरें लागू हो जाएंगी जिसमें बिजली के दाम बढ़ जाएंगे। इसके लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यूपीसीएल की ओर से भेजे गए 4% बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आम जनता से राय लेगा आम जनता से आपत्ति एवं सुझाव लिए जाएंगे और कई स्थानों पर सुनवाई होगी। मतदान के बाद सुनवाई प्रक्रिया शुरू होगी और उम्मीद जताई जा रही है कि 1 अप्रैल से बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। दरअसल यूपीसीएल ने इस बार 4% बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग को भेजा है और आयोग स्तर पर निगम के प्रस्ताव की पड़ताल की जा रही है।

आयोग इस प्रस्ताव पर आम जनता समेत सभी वर्गों से सुझाव लेगा और इस पूरी सुनवाई प्रक्रिया में किसान, व्यापारी वर्ग, उद्योग समेत अन्य लोगों से भी राय ली जाएगी और गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सुनवाई के स्थान और तारीख तय किए जाएंगे। बता दें कि पिछले साल की तुलना में इस बार सुनवाई प्रक्रिया में थोड़ी देर हो गई है। पहले यूपीसीएल ने प्रस्ताव भेजने में देर की। प्रस्ताव 30 नवंबर तक जमा हो जाना चाहिए था मगर यूपीसीएल ने आयोग से अतिरिक्त समय की मांग की और दिसंबर में जाकर प्रस्ताव जमा हो पाया और अब मतदान के बाद ही सुनवाई प्रक्रिया शुरू होगी। सुनवाई के बाद दरों को फाइनल करते हुए मार्च के अंतिम सप्ताह में घोषणा कर दी जाएगी और 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी.