कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर पार्टी सत्ता में लौटी तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम 500 के पार नहीं होंगे। आगे समझिए कांग्रेस का पूरा गणित
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कोमल नेगी
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Image: Congress promise regarding gas cylinder in Uttarakhand
देहरादून: चुनाव करीब आते ही राजनीतिक दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। बीते दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड बीजेपी का दृष्टि पत्र जारी किया। जिसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और पूर्व सैनिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। अब जवाब में कांग्रेस ने भी बड़ा दांव चला है। कांग्रेस ने कहा कि अगर वो सत्ता में लौटी तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम 500 के पार नहीं होंगे। ये बात कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर का आंकड़ा भी जनता के सामने पेश किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान में दून में गैस सिलेंडर की कीमत 919 रुपये है। अगर हम सत्ता में आए तो 419 रुपये की सब्सिडी का खर्च कांग्रेस उठाएगी। प्रदेश में एक परिवार प्रति वर्ष रसोई गैस के लगभग साढ़े छह (6.25) सिलेंडर की खपत करता है। अगर सरकारी सब्सिडी 419 रुपये को परिवार की सिलेंडर की कुल वार्षिक खपत 6.25 से गुणा किया जाए तो यह करीब 2,619 रुपये प्रति वर्ष के करीब होगी। आगे पढ़िए
प्रदेश में करीब 24 लाख परिवार रसोई गैस का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह आंकड़े जोड़े जाएं तो सब्सिडी की राशि 629 करोड़ प्रतिवर्ष के लगभग बैठती है। वहीं उत्तराखंड का वार्षिक बजट 56 हजार करोड़ है। इस तरह 629 करोड़ 56 हजार करोड़ रुपये प्रदेश के वार्षिक बजट का लगभग 1.1 प्रतिशत है। इस पूरे गणित के दम पर कांग्रेस प्रदेश में सरकार बनने पर 500 रुपये में सिलेंडर देने का दावा कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अवैध खनन के प्रचार और कोरोना टेस्टिंग के नाम पर घोटाले करना कतई नहीं है। हमारी प्राथमिकता रसोई गैस का दाम कम करना है, ताकि उत्तराखंड के हर परिवार को 500 रुपये से कम कीमत में रसोई गैस उपलब्ध हो सके। इस तरह सिलेंडर के दाम कम करने का वादा कर कांग्रेस ने महंगाई से त्रस्त जनता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है, हालांकि इसका पार्टी को कितना फायदा मिलेगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।