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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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टिहरी गढ़वाल: पर्वतीय इलाकों में नरभक्षी गुलदार आतंक का पर्याय बने हुए हैं। गुलदार के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। डर की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। गुलदार के हमले की ताजा घटना टिहरी की है। जहां सूर्य देवता की अराधना के लिए घर के आंगन में खड़े शख्स को एक गुलदार उठा ले गया। बाद में उसकी लाश घर से तीन किलोमीटर दूर क्षत-विक्षत हालत में मिली। मामला टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लॉक का है। यहां पसर गांव में गुलदार ने एक शख्स को मार डाला। मृतक की पहचान राजेंद्र सिंह के रूप में हुई। राजेंद्र सिंह रोज की तरह सुबह पूजा कर रहे थे। पूजा के बाद वो भगवान सूर्य को अर्घ्य चढ़ाने लगे। इसी बीच घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें अपने मजबूत जबड़ों में पकड़ कर भाग निकला। आगे पढ़िए
इस हादसे के बाद तमाम ग्रामीण इकट्ठा हुए और लाठी-डंडे लेकर खून के निशानों का पीछा करते हुए जंगल पहुंचे। वहां उन्हें राजेंद्र सिंह का अधखाया शव मिला। घटना के बाद ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जनवरी में गुलदार के हमले में एक महिला मारी गई थी। बीती रात गुलदार ने वीर सिंह नाम के एक शख्स पर भी हमला किया था। सोमवार तड़के गुलदार ने राजेंद्र सिंह को मार डाला। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। लोगों ने बताया कि राजेंद्र सिंह अपने घर में अकेले ही रहा करते थे। उन्होंने कहा कि अगर वन विभाग ने ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लिया होता तो शायद राजेंद्र की जान बच जाती। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे पकड़ने की मांग की।