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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में आतंक का पर्याय बन हुए एक Leopard को शिकारी Joy Hukil और उनकी टीम ने आखिरकार मार ही दिया है। शिकारी के दल ने जिस गुलदार को मार गिराया है उस गुलदार ने नरेंद्र ब्लॉक के पसर गांव में आतंक मचा रखा था। गुलदार के मरने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि बीते सोमवार को गुलदार ने गांव के 52 वर्षीय राजेंद्र सिंह के ऊपर जानलेवा हमला कर उन को मौत के घाट उतार दिया था। पिछले 1 महीने से गुलदार यहां पर सक्रिय हो रखा था। जिस वजह से ग्रामीणों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। ग्रामीण बेहद डरे हुए थे और रोजमर्रा के काम करने में भी उनके बीच में दहशत साफ तौर पर दिख रही थी। यहां पर वन विभाग की टीम भी तैनात की गई थी लेकिन गुलदार पकड़ में नहीं आ रहा था। बीते सोमवार को गुलदार ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने काफी हंगामा किया। आगे पढ़िए
जिले की डीएम ईवा श्रीवास्तव मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाया बुझाया और आखिरकार आदमखोर हो चुके गुलदार को मारने के लिए शिकारी जॉय हुकिल और बलवर पंवार समेत करीब 4 शूटरों को गांव में तैनात किया और शिकारियों ने सोमवार की शाम को ही गुलदार को गोली मार दी और मंगलवार की सुबह गुलदार का शव जंगल में मिला। बता दें कि बीते शाम को ही घटनास्थल से कुछ दूर एक कुत्ते को बांध दिया गया था। शाम को तकरीबन 5 बजे गुलदार घटनास्थल के पास पहुंचा और पेड़ की आड़ में छुप गया। इस दौरान शूटर बलवीर ने मोर्चा संभाला और जैसे ही गुलदार कुत्ते पर हमला करने गया उन्होंने गुलदार पर दो गोली चला दी। गोली लगते गुलदार वहां से भाग निकला और गुलदार का शव दो किलोमीटर दूर जंगल में बरामद हुआ।आतंक का पर्याय बन हुए एक Leopard को शिकारी Joy Hukil और उनकी टीम ने आखिरकार मार ही दिया है।