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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: रूस-यूक्रेन के बीच में घमासान युद्ध जारी है। पूरी दुनिया की नजर यूक्रेन और रूस पर टिकी हुई है। हालात गंभीर बन रहे हैं। रूस किसी भी तरह से समझौता करने को तैयार नहीं है और यूक्रेन के ऊपर हमला कर रहा है। युद्ध के पहले दिन यूक्रेन के अंदर 147 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। रूस और यूक्रेन के बीच की यह आपसी कलह कहां जाकर रुकेगी यह तो नहीं बता सकते मगर यह तो तय है कि इस युद्ध के अंदर कई बेकसूर लोग मर रहे हैं। बात करें भारतीय नागरिकों की तो बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूक्रेन में फंसे हुए हैं और उनकी जान के ऊपर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उत्तराखंड के भी कई लोग भी यूक्रेन के कई इलाकों में फंसे हुए हैं। ऐसे में लोगों को वापस लाने के लिए उत्तराखंड शासन की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है और सभी जिलाधिकारियों के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। जहां एक ओर इन लोगों के स्वजन उनकी वापसी को लेकर काफी चिंतित है तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के प्रमुख सचिव गृह आरके सुधांशु ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देश दे दिए हैं और उन्होंने अधिकारियों से अपने जिलों से यूक्रेन में फंसे व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने के लिए कहा है।
इसके लिए बकायदा एक आपातकालीन नंबर और ईमेल भी जारी किया गया है। जारी किए आदेश में कहा गया है कि यूक्रेन में राजनीतिक परिस्थितियों के बिगड़ने के कारण सभी भारतीयों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और इसी को देखते हुए उत्तराखंड के सभी नागरिकों का विवरण, उनका नाम, उत्तराखंड राज्य एवं यूक्रेन में पता, मोबाइल नंबर, ईमेल, पासपोर्ट नंबर इत्यादि प्राप्त किए जाना अनिवार्य है जिससे कि उनकी सुरक्षा के संबंध में विदेश मंत्रालय भारत सरकार के माध्यम से कार्रवाई की जा सके। उत्तराखंड सरकार ने आपातकालीन नंबर 112 पर विवरण उपलब्ध कराए जाने हेतु जनसभा को सूचित किया है। निर्देश के अनुसार जिलाधिकारियों को उनके जनपदों से यूक्रेन गये राज्य के नागरिकों के संबंध में विवरण प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। हर जिले के जिलाधिकारी प्राप्त सूचना शासन को ई-मेल आई०डी०[email protected] पर उपलब्ध करेंगे।