उत्तराखंड की शान नैनीताल के लिए खतरे की घंटी, अचानक 3 गुना ज्यादा अशुद्ध हुई हवा

Nainital pollution level 3 गुना बढ़ गया है। प्रदूषण स्तर अचानक की बढ़ने से चिंताजनक परिस्थितियां पैदा हो गई हैं।
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Nainital pollution level : Nainital pollution level increased by 3 times
Image: Nainital pollution level increased by 3 times

नैनीताल: प्रदूषण केवल मैदानों तक ही सीमित नहीं है। पहाड़ों की हवा भी लगातार मानवीय गतिविधियों की वजह से दूषित हो रही है। प्रदूषण पहाड़ों पर भी तेजी से फैल रहा है जो कि चिंताजनक है।

Nainital pollution level increased

नैनीताल में प्रदूषण स्तर अचानक की बढ़ने से चिंताजनक परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। जी हां, शांत और स्वच्छ नगरी नैनीताल में वायु प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। सप्ताह भर के दौरान यहां प्रदूषित हवा की मात्रा में तकरीबन 3 गुना की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। रविवार को शहर के वातावरण में सामान्य स्तर 3 गुना से अधिक जा पहुंचा। रविवार को शहर के वातावरण में सामान्य स्तर पीएम 2.5 से भी 3 गुना अधिक जा पहुंचा और दोपहर के बाद पूरे क्षेत्र में धुंध छा गई। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वरिष्ठ वायुमंडलीय विज्ञानी डॉ नरेंद्र सिंह ने बताया कि नगर का पीएम 2.5 रविवार को 87 एमसीएम पहुंच गया जबकि यहां पर सामान्य तौर पर एमसीएम 25 के आस पास रहता है।

बारिश होने पर यह गिरकर भी 20 एमसीएम से नीचे भी जा पहुंचता है। यहां पर 3 गुना अधिक बढ़ोतरी वातावरण के लिहाज से बेहद खतरनाक है और इससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। वायु प्रदूषण के बढ़ने का मुख्य कारण तापमान में वृद्धि बताया जा रहा है। मैदानी भागों से गर्म हवा ऊपर की ओर आने लगती है और इसमें कई तरह के प्रदूषित कण मौजूद होते हैं और आद्रता बढ़ने के कारण भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल नैनीताल में पीएम 2.5 का अधिकतम 29 रहा था और इस बार 10 मार्च को यह लेवल 92 तक पहुंच गया था।इस साल के।मुकाबले पिछले साल नैनीताल में काफी कम प्रदूषण था। नैनीताल में तीन कारणों से वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है। सबसे पहला और मुख्य कारण है जंगलों की आग। दूसरा है वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी और तीसरा है मैदानी भागों में तापमान में वृद्धि। इन सभी कारणों से वायु प्रदूषण सामान्य से अधिक बढ़ जाता है।