उत्तराखंड में रोहिंग्या घुसपैठ? पुलिस का सख्त एक्शन..वैरिफिकेशन में 1547 संदिग्ध मिले

खुफिया विभाग ने ही Uttarakhand में Rohingya की घुसपैठ का इनपुट दिया था.. Police verification drive में कई संदिग्ध मिले हैं।
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uttarakhand rohingya varification: Police rohingya verification drive in uttarakhand
Image: Police rohingya verification drive in uttarakhand

नैनीताल: उत्तराखंड में बिना सत्यापन के रह रहे संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर प्रदेश में ऑपरेशन मर्यादा चल रहा है। जिसके तहत जगह-जगह सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

Police verification drive in uttarakhand

अभियान के तहत पुलिस विभाग की ओर से अब तक 33,116 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। जिनमें 1547 लोग संदिग्ध पाए गए। इनमें से 1491 संदिग्धों के खिलाफ पुलिस एक्ट व 56 के खिलाफ अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई से डरकर कई संदिग्ध शहर छोड़ कर दूसरे इलाकों में चले गए हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि ऑपरेशन मर्यादा के तहत 10 साल से उत्तराखंड में कार्यरत, निवास कर रहे रेहड़ी व ठेली लगाने वालों और किरायेदारों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक प्रदेश में कुल 33116 लोगों का भौतिक सत्यापन किया गया है। तीर्थ स्थलों की मर्यादा और पर्यटक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी अभियान जारी है। इस अभियान के तहत गंगा किनारों पर हुड़दंग और मादक पदार्थ का सेवन करने वालों की तुरंत गिरफ्तारी और पर्यटक स्थलों में गंदगी करने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।

21 अप्रैल से शुरू हुए अभियान के तहत पूरे प्रदेश में अब तक 3810 लोगों की गिरफ्तारी हुई। जिनसे 5 लाख 63 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है। उधर नैनीताल में भी बाहरी श्रमिकों, किरायेदारों और ठेली वालों का सत्यापन अभियान जारी है। अभियान के बाद बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के रहने वाले घोड़ा चालक, गाइड व टैक्सी चालक अपने घरों को लौट गए हैं। इनमें रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर व आसपास के जिलों के कई लोग शामिल हैं। एसपी पंकज भट्ट ने बताया कि अभी तक कुल 4712 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन नहीं कराने वाले 36 लोगों का पुलिस अधिनियम के तहत 10 हजार का कोर्ट चालान किया गया। 10 दिन के भीतर अपना सत्यापन नहीं कराने वाले बाहरी लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को नैनीताल के मल्लीताल और तल्लीताल क्षेत्र में 1430 लोगों का सत्यापन किया गया।