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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तरकाशी: Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 का विशेष धार्मिक महत्व है। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम की कठिन यात्रा पर आते हैं, पर ये यात्रा इतनी आसान नहीं है।
यात्रा के लिए मन में आस्था होने के साथ-साथ श्रद्धालु का स्वस्थ होना भी जरूरी है। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद अब तक कई श्रद्धालुओं के निधन की दुखद सूचना आ चुकी है। बुधवार को यमुनोत्री धाम के दर्शन करने आई महिला यात्री की मौत हो गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। महिला यात्री सुनीता (62) पत्नी सुधाकर खडीकर मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली थीं। वो यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आई हुई थीं। बुधवार देर रात सुनीता की तबीयत बिगड़ गई। बाद में उन्हें बड़कोट सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान महिला तीर्थयात्री की मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि महिला श्रद्धालु को हार्ट अटैक आया था।
वहीं गंगोत्री धाम में व्हील चेयर चलाने वाले नेपाली मूल के मजदूर लाल बहादुर की भी हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इस तरह बीते दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में एक-एक तीर्थ यात्री की मौत हुई है। पिछले तीन दिन में अब तक हृदयगति रुकने से छह तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। पिछले साल भी चारधाम यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं के निधन की सूचना आई थी। ज्यादातर यात्रियों की मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना है। इसलिए यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऊंचाई वाली जगहों में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है। इसीलिए अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। Uttarakhand Char Dham Yatra 2022 की यात्रा पर निकलने से पहले मेडिकल चेकअप जरूर कराएं, किसी तरह की दिक्कत महसूस होने पर मेडिकल हेल्प लेने से ना झिझकें।