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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: परिवार के बीच अक्सर प्रॉपर्टी या अन्य चीजों को लेकर मनमुटाव तो बहुत देखने को मिलता है मगर हरिद्वार में तो गजब ही हो गया। यहां पर परिवार वाद-विवाद का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है।
यहां पर पोता-पोती का सुख ना देने से आहत हुए वृद्ध माता-पिता ने अपने बेटे और बहू पर कोर्ट में केस कर दिया है। उन्होंने हरिद्वार की तृतीय एसीजे एसडी कोर्ट में दायर किए गए केस में बेटे के लालन-पालन और उसकी शिक्षा में खर्च हुए करीब 5 करोड़ रुपये वापस मांगे हैं। जी हां, बुजुर्ग दंपति के वकील अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि केस दर्ज कराने वाले संजीव रंजन प्रसाद बीएचईएल में अधिकारी पद पर कार्यरत थे। और रिटायरमेंट के बाद वे अपनी पत्नी साधना प्रसाद के साथ एक हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं। उनके इकलौते बेटे श्रेय सागर की शादी साल 2016 में नोएडा की शुभांगी सिन्हा से हुई थी। श्रेय सागर पेशे से पायलट हैं जबकि उसकी पत्नी शुभांगी भी नोएडा में जॉब करती हैं।
बुजुर्ग दंपत्ति ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि शादी के 6 साल बाद भी उनका बेटा और बहू संतान पैदा नहीं कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी मानसिक वेदना से गुजरना पड़ रहा है। परिवार का सुख उनको नहीं मिलता है। उनको मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी संतान की परवरिश के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी लगा दी मगर बदले में उनको केवल दुःख और अशान्ति मिल रही है। यही वजह है कि इस दंपति ने अपने बेटे की परवरिश में खर्च हुए करीब 5 करोड़ रुपये बहू और बेटे से वापस दिलाने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बेटे को इतना काबिल बनाने के बाद भी अगर उन्हें बुढ़ापे के दिनों में अकेले जीवन गुजारना पड़ रहा है तो ये उनके साथ प्रताड़ना के समान है। बुजुर्ग दंपति की प्रार्थना पत्र पर कोर्ट में केस दर्ज कर लिया गया है।