Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
नैनीताल: यूकेएसएसएससी पेपर लीक UKSSSC Paper Leak मामले का कुमाऊं कनेक्शन सामने आया है।
शुक्रवार को यहां रामनगर से स्टोन क्रशर संचालक चंदन मनराल chandan manral की गिरफ्तारी हुई। पूर्व में पकड़े गए हाकम सिंह की तरह मनराल के पास भी करोड़ों की प्रॉपर्टी है। वो एनजीओ संचालक है, बाद में वह शिक्षा माफिया बन गया और अकूत संपत्ति जोड़ ली। चंदन मनराल की नेताओं के बीच अच्छी पकड़ है, साथ ही शिक्षा विभाग में भी उसकी अच्छी खासी पैठ थी। लखनपुर निवासी चंदन मनराल बस मालिक है। पर्वतीय मार्ग पर उसकी कई बसों का संचालन होता है। राज्य बनने के बाद वह शिक्षा विभाग के क्षेत्र में बाल महिला कल्याण समिति एनजीओ का संचालन करने लगा। इस बीच उसकी शिक्षा विभाग में पहचान बढ़ती चली गई, जिसका उसने खूब फायदा भी उठाया। अपनी पहुंच के दम पर मनराल ने लोगों की शिक्षा विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देने का धंधा शुरू कर दिया।
नैनीताल जिले में शिक्षा मित्र आदि भर्तियों में मनराल की भूमिका संदिग्ध रही। एनजीओ चलाने वाला चंदन सिंह बाद में स्टोन क्रशर का मालिक भी बन गया। सात ट्रक, तीन पोकलैंड, 13 बसें, पीरूमद्वारा में 15 एकड़ जमीन और रामनगर में 10 बीघा जमीन उसके नाम थी। अब मनराल की गिरफ़्तारी से नैनीताल जिले में हुई कुछ शिक्षा मित्रों की भर्ती पर भी जांच की तलवार लटक रही है। चंदन मनराल ट्रेवल एजेंसी भी चलाता है। एनजीओ के जरिए पहचान बनाने के बाद वो कई गलत धंधों से जुड़ गया। यही वजह है कि वह पेपर लीक Chandan Manral मामले में एसटीएफ के राडार पर आ गया। शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस Chandan Manral के कारोबारी दोस्तों को लेकर भी जानकारी जुटा रही है। जल्द ही कुमाऊं से कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।