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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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पिथौरागढ़: इन दिनों देशभर में नामीबिया से भारत लाए गए चीतों की चर्चा हो रही है, लेकिन उत्तराखंड के लिए जंगली जानवर किसी अभिशाप से कम नहीं हैं।
पहाड़ी इलाकों में गुलदार मासूमों और बुजुर्गों की जान लेकर अपनी भूख मिटा रहे हैं, राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। पिथौरागढ़ के बेरीनाग में हुई एक ऐसी ही घटना में चार साल की बच्ची की जान चली गई। बच्ची को गुलदार ने शिकार बना लिया। घटना के वक्त बच्ची आंगन में खेल रही थी। जबकि परिजन खंतुड़वा पर्व मना रहे थे। इस बीच गुलदार ने बच्ची पर झपट्टा मार दिया और उसे खींचते हुए जंगल की ओर ले गया। बच्ची के दादा बहादुर सिंह, दादी कौशल्या देवी, चाचा विजय सिंह और पान सिंह की पत्नी कविता आंगन में खड़े थे। कविता की पीठ पर उनकी ढाई साल की बेटी भारती मेहरा थी. इसी दौरान पास में ही घात लगाकर बैठा गुलदार मां की पीठ से बच्ची को झपटकरले गया। आगे पढ़िए
परिजनों ने बच्ची की चीख-पुकार सुनकर गुलदार का पीछा किया तो घर से 150 मीटर दूर बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक चचरेत गांव में शनिवार शाम करीब 7 बजे पान सिंह मेहरा की पत्नी और अन्य सदस्य खंतुड़वा पर्व मना रहे थे। इस दौरान उनकी 4 वर्षीय बेटी भारती आंगन में खेल रही थी। तभी घात लगाए गुलदार ने भारती पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर ले गया। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के साथ वन विभाग और पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। गुलदार के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मौत के घाट उतारने की मांग की।